मिडिल ईस्ट में महाविनाश की तैयारी! चीन के पुर्जों से हूती बना रहे खूंखार हथियार, निशाने पर सऊदी-इजराइल
मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच ईरान समर्थित यमनी विद्रोही समूह हूती को लेकर एक चौंकाने वाली अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट सामने आई है। हथियार निगरानी संस्था कॉन्फ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च ग्रुप (सीएआरजी) की नवीनतम जांच के अनुसार, हूती विद्रोही चीन से मंगाए गए विशिष्ट उपकरणों और कलपुर्जों का इस्तेमाल कर एक आधुनिक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली विकसित कर रहे हैं। इस नई मिसाइल तकनीक के दम पर विद्रोही गुट सऊदी अरब और इजराइल के प्रमुख ठिकानों पर अचूक निशाना साधने की क्षमता हासिल करने की कोशिश में है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा संकट और गहरा गया है।
सीएआरजी की विस्तृत रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हौथियों द्वारा तैयार की जा रही यह मिसाइल प्रणाली असल में ईरान की प्रसिद्ध सटीक-निर्देशित बैलिस्टिक मिसाइल ‘खेइबर शेकान’ पर आधारित है। लगभग 2,000 किलोमीटर (1,200 मील) की मारक क्षमता वाली यह मिसाइल आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम को आसानी से चकमा देने में सक्षम मानी जाती है। रिसर्च ग्रुप के वरिष्ठ विश्लेषक फैबियन हिंज़ के अनुसार, हौथियों की स्थानीय स्तर पर हथियार असेंबल करने की क्षमता पूर्व अनुमानों से कहीं अधिक संगठित है। जांच में पाए गए पार्ट्स इतने विशिष्ट और संवेदनशील हैं कि उनका किसी भी सामान्य नागरिक कार्य में उपयोग संभव नहीं है।
इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ तब हुआ जब यमनी सुरक्षा अधिकारियों ने जुलाई में संदिग्ध उपकरणों से लदी दो बड़ी खेपों को बीच में ही जब्त कर लिया। चीन से भेजी गई ये खेपें यमन के सामरिक होदेइदाह बंदरगाह पर उतारी जानी थीं, जिसे हथियारों की अवैध तस्करी का मुख्य केंद्र माना जाता है। जब्त किए गए कंटेनरों की पड़ताल में मिसाइल के स्टेबिलाइजिंग फिन कोर, रॉकेट मोटर के पिछले हिस्से के क्लोजर, नोजल अटैचमेंट, इग्नाइटर और फेनोलिक रेजिन जैसे अत्यंत संवेदनशील पदार्थ बरामद हुए हैं। यह रेजिन मिसाइल को सुपरसोनिक रफ्तार के दौरान वायुमंडलीय घर्षण से पैदा होने वाली भीषण गर्मी से सुरक्षा प्रदान करता है।
इधर, इन सनसनीखेज खुलासों के बीच बीजिंग ने अपनी सीधी संलिप्तता पर न तो स्पष्ट मुहर लगाई है और न ही इससे पूरी तरह इनकार किया है। वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू चांग ने कहा कि बीजिंग अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का कड़ाई से पालन करता है और दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं के निर्यात पर सख्त नियंत्रण रखता है। हालांकि, मिसाइल विशेषज्ञों का मानना है कि बरामद सामग्री के स्वरूप से यह पूरी तरह साफ है कि हूती लड़ाके ईरानी डिजाइन वाली मिसाइलों को स्थानीय कारखानों में तेजी से असेंबल करने की फिराक में थे।