अमेरिका में भारतीय महिला का मर्डर: कैलिफोर्निया में सिरफिरे आशिक ने रेस्तरां के बाहर मारी गोली, खुद भी दी जान

अमेरिका में भारतीय महिला का मर्डर: कैलिफोर्निया में सिरफिरे आशिक ने रेस्तरां के बाहर मारी गोली, खुद भी दी जान

अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य स्थित सैक्रामेंटो में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक शॉपिंग सेंटर के रेस्तरां के बाहर 38 वर्षीय भारतीय मूल की महिला शालिनी ठाकुर की दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई।

इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने का आरोप 22 वर्षीय भारतीय नागरिक रोहित पर लगा है, जो पिछले कई महीनों से लगातार पीड़िता का पीछा कर रहा था। वारदात को अंजाम देकर फरार हुए आरोपी ने बाद में पुलिस से घिरने पर खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने प्रवासी भारतीय समुदाय और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है।

शॉपिंग सेंटर के बाहर अंधाधुंध फायरिंग और दर्दनाक मौत

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) और स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खूनी खेल 8 सितंबर की दोपहर सैक्रामेंटो के एक व्यस्त शॉपिंग सेंटर में खेला गया। शालिनी ठाकुर अपनी कार की तरफ बढ़ रही थीं, तभी रोहित वहां आ धमका। शालिनी ने खतरे को भांपकर भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने पीछा करते हुए उन पर कई राउंड गोलियां चला दीं। जमीन पर गिरकर बेसुध होने के बावजूद बेरहम हमलावर ने बेहद करीब जाकर उनके सिर में एक और गोली मारी और अपनी गाड़ी में बैठकर मौके से फरार हो गया।

हाईवे पर पुलिस एनकाउंटर का तनाव और आरोपी की आत्महत्या

घटना के तुरंत बाद हरकत में आई पुलिस को चश्मदीदों ने आरोपी की कार के बारे में अहम सुराग दिए। सैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ कार्यालय की टीमों ने तुरंत नाकाबंदी की और आरोपी को वाट एवेन्यू के पास हाईवे 50 (ईस्टबाउंड) पर घेर लिया। पुलिस के रोकने पर आरोपी ने अपनी कार सड़क पर ही रोक दी, जिससे व्यस्त हाईवे पर दोनों तरफ घंटों लंबा जाम लग गया और भारी गतिरोध पैदा हो गया। जब सुरक्षा बलों ने वाहन को सुरक्षित तरीके से घेरकर जांच की, तो आरोपी रोहित ड्राइवर सीट पर खून से लथपथ मिला। उसने खुद को गोली मार ली थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

कार में एयरटैग, डुप्लीकेट चाबी और फ्लैट में घुसपैठ की खौफनाक दास्तान

जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आरोपी रोहित लंबे समय से शालिनी के प्रति एकतरफा सनक (ऑबसेशन) की हद तक पागल था। यह पीछा करने का सिलसिला जनवरी 2026 से ही बेहद खतरनाक मोड़ ले चुका था, जब शालिनी को अपनी कार के बोनट के नीचे एक छुपा हुआ एप्पल एयरटैग मिला था। इतना ही नहीं, मदद का नाटक करने के लिए रोहित ने शालिनी की कार के टायर की हवा तक निकाली थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, आरोपी ने शालिनी के अपार्टमेंट की चाबी की एक कॉपी भी बना ली थी और जब वह सो रही थीं, तब वह चुपके से उनके घर के अंदर तक दाखिल हो गया था।

कोर्ट का प्रोटेक्शन ऑर्डर भी नहीं रोक सका सिरफिरे का खूनी मंसूबा

सैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ कार्यालय के प्रवक्ता सार्जेंट अमर गांधी ने बताया कि दोनों करीब दो साल से एक-दूसरे को जानते थे और पहले दोस्त थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों में रोहित का व्यवहार खतरनाक रूप से आक्रामक हो गया था। हालांकि शालिनी ने शुरुआत में कानूनी कार्रवाई टालने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की सलाह पर मई में उन्होंने कोर्ट से रोहित के खिलाफ रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर (निषेधाज्ञा) हासिल कर लिया था। कोर्ट के कड़े प्रतिबंधों के बावजूद रोहित जुलाई तक उनका पीछा करता रहा और आखिरकार उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया।

हत्या से महज 60 मिनट पहले मां से हुई थी आखिरी बात

मृतका की मां सुदेश कुमारी ने रूंधे गले से बताया कि वारदात वाले दिन यानी 8 सितंबर को दोपहर करीब 2 बजे बेटी से फोन पर बात हुई थी। शालिनी ने काम का हवाला देते हुए 15 मिनट में दोबारा कॉल करने की बात कही थी, लेकिन वह कॉल फिर कभी नहीं आया। ठीक एक घंटे बाद शॉपिंग सेंटर से उसकी मौत की दिल दहला देने वाली खबर सामने आई, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।