अमेरिका और यूरोप की अदृश्य ढाल! आखिर ग्रीनलैंड के आसमान में ऐसा क्या तैनात करने जा रहा है अमेरिका

अमेरिका और यूरोप की अदृश्य ढाल! आखिर ग्रीनलैंड के आसमान में ऐसा क्या तैनात करने जा रहा है अमेरिका

अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जानकारी साझा करते हुए ट्रंप ने बताया कि ग्रीनलैंड में बड़े पैमाने पर तेल, प्राकृतिक गैस और दुर्लभ खनिजों की खोज जल्द ही धरातल पर उतरेगी। ट्रंप ने इसे 'खूबसूरत ग्रीनलैंड' बताते हुए दावा किया कि विशेषज्ञों के अनुसार यहाँ आसानी से निकलने वाले कच्चे तेल का भंडार दुनिया के किसी भी अन्य कोने से कहीं अधिक है। हालांकि, खोज अभियान के तौर-तरीकों और समय-सीमा का विस्तृत ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

यह घोषणा ऐसे समय में सामने आई है जब करीब एक महीने पहले ही अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ था। ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के पुराने बयानों और दावों से दोनों देशों के बीच उपजे कूटनीतिक तनाव को शांत करने के मकसद से सितंबर में यह समझौता किया गया था। इस नए घटनाक्रम से स्पष्ट है कि संसाधनों से भरपूर यह विशाल बर्फीला द्वीप एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति के केंद्र में आ गया है।

इसलिए जरूरी है ग्रीनलैंड

प्राकृतिक संसाधनों के अलावा ट्रंप ने ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति को रक्षात्मक नजरिए से दुनिया में सबसे सुरक्षित और बेजोड़ करार दिया है। उनके अनुसार, यह इलाका न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए एक मजबूत सुरक्षा दीवार की तरह काम करता है। ट्रंप ने बताया कि भविष्य में अमेरिका की दिशा में आने वाले किसी भी संभावित हवाई खतरे को इसी रास्ते से गुजरना होगा। उन्होंने दावा किया कि ग्रीनलैंड में तैनात अमेरिकी सुरक्षा तंत्र किसी भी मिसाइल, अत्याधुनिक ड्रोन या भविष्य के किसी भी अज्ञात हथियार को समय रहते आसमान में ही मार गिराने में पूरी तरह सक्षम है।