इजराइल चुनाव: नेतन्याहू की बंपर वापसी के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक क्यों किया ये बड़ा दावा
इजराइल में हुए नेसेट (संसद) चुनावों की मतगणना तेजी से जारी है और शुरुआती रुझानों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को काफी पीछे छोड़ दिया है। केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा सुबह 5:58 बजे तक लगभग 42 प्रतिशत (41.9%) वोटों की गिनती पूरी होने के बाद जारी आंकड़ों के मुताबिक, नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गुट ने विपक्ष पर 57-47 की मजबूत बढ़त बना ली है।
इस चुनाव में नेतन्याहू का सीधा मुकाबला पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट की पार्टी 'यशर' से है, जबकि बाकी बची 16 सीटें अन्य छोटे दलों के खाते में जाती दिख रही हैं। द टाइम्स ऑफ इजराइल और यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को हुए इस अहम चुनाव में लगभग 56.9 लाख इजरायली नागरिकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
हालांकि, चुनाव समिति ने साफ किया है कि सैनिकों और अन्य विशेष मतदाताओं के 'डबल एनवेलप' वाले वोटों की गिनती बाद में होगी, जिससे अंतिम नतीजों में कुछ बदलाव हो सकता है। इसी सियासी हलचल के बीच 'अक्टूबर काउंसिल' ने नई सरकार के सामने एक बड़ी शर्त रख दी है।
काउंसिल ने मांग की है कि नई सरकार अपने कार्यकाल के पहले ही दिन नरसंहार की जांच के लिए 'स्टेट कमीशन ऑफ इन्क्वायरी' (राज्य जांच आयोग) का गठन करे। इजराइल के इन चुनावी नतीजों पर अमेरिका से भी बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि नेतन्याहू को उनके समर्थन का सीधा फायदा मिला है। ट्रंप ने लिखा कि उनके एंडोर्समेंट के बाद इजराइल का पूरा चुनावी माहौल ही बदल गया।