'पेरिस बदल रहा है, यूरोप का पतन तय': फ्रांस दंगों पर डोनाल्ड ट्रंप की मैक्रों को खुली चेतावनी
फ्रांस में जारी उग्र विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय नेतृत्व को कड़े शब्दों में आगाह किया है। व्हाइट हाउस के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने दो टूक कहा कि अगर यूरोपीय देशों ने तुरंत अपनी सीमाएं सील नहीं कीं और अपने ही मुल्क से नफरत करने वाले प्रवासियों को डिपोर्ट नहीं किया, तो पूरे महाद्वीप का पतन तय है। फ्रांस की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने दावा किया कि पेरिस बड़ी तेजी से एक मुस्लिम बहुल शहर में तब्दील हो रहा है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को बहुत पहले ही सीमा नियंत्रण सख्त करने की सलाह दी थी।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा हालिया उपद्रव के पीछे अमेरिकी नीतियों से उपजे ऊर्जा संकट और वैश्विक भू-राजनीति को जिम्मेदार ठहराए जाने पर ट्रंप ने तीखा पलटवार किया। ट्रंप ने इन तर्कों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि फ्रांस की इस बदहाली का लेना-देना शिक्षा, महंगाई या घरेलू नीतियों से नहीं, बल्कि सीधे तौर पर अनियंत्रित अप्रवासन से है। उन्होंने कहा कि उनके पहले कार्यकाल के दौरान जब पहली बार उनकी मैक्रों से मुलाकात हुई थी, तभी उन्होंने आगाह किया था कि पूरी दुनिया से आ रहे लोगों के लिए दरवाजे खुले रखना सबसे बड़ी भूल साबित होगा। उनके मुताबिक, ऐसे लोगों को शरण दी गई जो उस देश की संस्कृति, कला और ऐतिहासिक धरोहरों की कोई कद्र नहीं करते।
अमेरिका की सख्त सीमा नीतियों का उदाहरण देते हुए ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ने समय रहते सीमाओं को सुरक्षित कर लिया, जबकि यूरोप ढिलाई बरतता रहा। ट्रंप ने यूरोपीय सरकारों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि अपने अस्तित्व और संप्रभुता को बचाने के लिए हिंसक प्रदर्शनकारियों और अपराधियों का बड़े पैमाने पर सामूहिक निर्वासन ही एकमात्र रास्ता बचा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह पिछले एक दशक से यही बात समझा रहे हैं कि अगर यूरोप ने अपनी सीमाओं को बंद नहीं किया और देश विरोधी तत्वों को बाहर का रास्ता नहीं दिखाया, तो आने वाले समय में यूरोप का अस्तित्व पूरी तरह मिट जाएगा और उसके बचने की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।