"जेलेंस्की को बदलो, नया राष्ट्रपति लाओ"- ट्रंप के इस बयान से पश्चिमी खेमे में अचानक क्यों मचा हड़कंप
अमेरिका में गहराते तेल संकट के बीच रूस के साथ हुए हालिया समझौते ने वाशिंगटन और कीव के रिश्तों में खुली तल्खी ला दी है। देश में ईंधन की आसमान छूती कीमतों और आगामी मध्यावधि चुनावों के दबाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से बड़े पैमाने पर डीजल आयात करने की डील फाइनल की है। इस समझौते के तहत मॉस्को तुरंत 3 लाख टन डीजल की खेप भेजेगा, जिसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन अतिरिक्त ईंधन की आपूर्ति की जाएगी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस समझौते पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे सीधे तौर पर युद्ध में मॉस्को का वित्तपोषण करार दिया है।
यूक्रेन की इस आपत्ति पर राष्ट्रपति ट्रंप ने जेलेंस्की पर तीखा हमला बोला और कीव को नया नेतृत्व चुनने की सार्वजनिक सलाह दे डाली। ट्रंप ने आरोप लगाया कि जेलेंस्की फरवरी 2022 से जारी संघर्ष को समाप्त करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं और बार-बार मना करने के बावजूद रूसी ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन के मौजूदा नेतृत्व के रवैये से अमेरिकी किसानों और पशुपालकों के लिए डीजल की किल्लत बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि जेलेंस्की की नीतियों के कारण देश का 30 फीसदी भूभाग छिन गया, लाखों लोग विस्थापित हुए और भारी जनहानि हुई। ट्रंप के मुताबिक, यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होना चाहिए था और अब यूक्रेन को समझौते के लिए तैयार रहने वाले नए राष्ट्रपति की दरकार है।
ट्रंप के इस बयान पर यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। यूक्रेन के वित्त मंत्री एंड्री सिबिगा ने पलटवार करते हुए कहा कि राष्ट्रपति जेलेंस्की को अपने देश की जनता का पूरा जनादेश हासिल है और वे सभी तरह के समर्थन के हकदार हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर स्पष्ट किया कि विदेशी बयानों के बावजूद फैसले लेने का हक केवल यूक्रेनी नागरिकों का है। वहीं, ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने भी जेलेंस्की से फोन पर बातचीत कर ब्रिटेन की अटूट एकजुटता दोहराई और भरोसा दिलाया कि इस कठिन दौर में लंदन कीव के साथ मजबूती से खड़ा है।
दूसरी तरफ, मॉस्को ने ट्रंप के इस रुख की खुलकर सराहना की है। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय (क्रेमलिन) के आर्थिक सहयोग पर विशेष दूत किरिल दिमित्रीव ने सोशल मीडिया पर इस घटनाक्रम को ऐतिहासिक करार दिया। दिमित्रीव ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान उन वैश्विक आवाजों को मजबूती देता है जो मानते हैं कि यूक्रेन को टकराव के बजाय शांति की दिशा में आगे बढ़ने वाले समझदार नेतृत्व की जरूरत है।