नई दिल्ली: भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज अब एक नए अध्याय में प्रवेश कर चुकी है। अब इस सीरीज को “पटौदी ट्रॉफी” के बजाय दो महान क्रिकेट खिलाड़ियों – भारत के सचिन तेंदुलकर और इंग्लैंड के एलिस्टेयर कुक – के नाम पर खेला जाएगा। यह फैसला दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से लिया गया है, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक नई परंपरा की शुरुआत मानी जा रही है।
अब से भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली द्विपक्षीय टेस्ट श्रृंखला को “तेंदुलकर-कुक ट्रॉफी” के नाम से जाना जाएगा। इसका उद्देश्य न केवल दोनों खिलाड़ियों के अद्भुत योगदान को सम्मानित करना है, बल्कि क्रिकेट प्रेमियों को भी इस श्रृंखला से भावनात्मक रूप से जोड़ना है।
गौरतलब है कि इससे पहले 2007 से भारत और इंग्लैंड के बीच इंग्लैंड में खेले जाने वाले टेस्ट मुकाबलों को “पटौदी ट्रॉफी” के नाम से जाना जाता था, जो नवाब पटौदी के सम्मान में शुरू की गई थी। वहीं, भारत में खेले जाने वाले मुकाबले किसी ट्रॉफी के नाम से नहीं जाने जाते थे। अब इस नई ट्रॉफी के जरिए इस श्रृंखला को एक स्थायी और व्यापक पहचान देने की कोशिश की गई है।
बीसीसीआई और ईसीबी ने एक संयुक्त बयान में कहा, “सचिन तेंदुलकर और एलिस्टेयर कुक दोनों ही टेस्ट क्रिकेट के प्रतीक हैं। उनका समर्पण, तकनीक और खेल भावना अगली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं। इस ट्रॉफी के माध्यम से हम उनके योगदान को सदा के लिए यादगार बनाना चाहते हैं।”
क्रिकेट जगत में इस फैसले को सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। जहां कुछ परंपरागत प्रशंसकों को “पटौदी ट्रॉफी” नाम बदलने का अफसोस है, वहीं ज्यादातर लोग इस बदलाव को आधुनिक क्रिकेट के साथ जुड़ाव के रूप में देख रहे हैं।
अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें 2025 में होने वाली अगली भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज पर टिकी होंगी, जब पहली बार “तेंदुलकर-कुक ट्रॉफी” के लिए दोनों टीमें मैदान में उतरेंगी।




