_956090428.png)
Up Kiran, Digital Desk: कहा जाता है कि अगर हौसले दृढ़ हों तो कोई ताकत विकास की राह में रुकावट नहीं बन सकती। भारत ने हाल के दिनों में इसका जीता-जागता प्रमाण दुनिया को दिखाया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ का जवाब भारत ने जिस अंदाज़ में दिया है, वह इस बात का संकेत है कि अब देश किसी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं।
ट्रंप प्रशासन ने भारत पर पचास प्रतिशत तक का टैरिफ लागू कर दिया, मानो भारत को झुकाने की कोशिश हो रही हो। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उत्तर उसी दृढ़ता से दिया। उन्होंने साफ संदेश दे दिया कि भारत वही करेगा जो राष्ट्रहित में सही होगा, किसी भी दबाव में आकर नहीं।
गुजरात से दुनिया तक "मेड इन इंडिया" की पहचान
प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात से मारुति सुजुकी की इलेक्ट्रिक एसयूवी के उत्पादन की शुरुआत की। खास बात यह है कि इन वाहनों का निर्यात जापान और यूरोप सहित 100 से अधिक देशों में किया जाएगा। यानी आने वाले समय में जब ये ईवी सड़कों पर दौड़ेंगी तो उन पर "मेड इन इंडिया" की छाप साफ दिखाई देगी।
मोदी ने कहा कि जापानी कंपनी सुजुकी के साथ यह साझेदारी न केवल भारत-जापान संबंधों की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि दुनिया का भरोसा अब और भी गहराई से भारत में बढ़ रहा है। उन्होंने दुर्लभ मृदा खनिजों की वैश्विक कमी पर चिंता जताई और बताया कि इस चुनौती से निपटने के लिए भारत ने "क्रिटिकल मिनरल्स मिशन" शुरू किया है। यह मिशन देशभर के 1200 से ज्यादा स्थलों पर लागू किया जाएगा।
बैटरी निर्माण से मेक इन इंडिया में नई छलांग
विदेशों को ईवी निर्यात की घोषणा के साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोलाइट का निर्माण भारत में मंगलवार से शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव के इस माहौल में ‘मेक इन इंडिया’ यात्रा का नया अध्याय जुड़ रहा है। यह "मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड" के लक्ष्य की दिशा में मजबूत कदम है।
उन्होंने आँकड़े देते हुए बताया कि बीते 11 वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग 500 फीसदी, मोबाइल फोन निर्माण 2700 फीसदी और रक्षा उत्पादन 200 फीसदी बढ़ा है। यह भारत की औद्योगिक ताकत और तकनीकी प्रगति का स्पष्ट प्रमाण है।
--Advertisement--