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Up Kiran,Digital Desk: आचार्य चाणक्य की नीति और विचार सदियों से मील का पत्थर बने हुए हैं। उनके सिद्धांत आज भी न केवल भारतीय समाज में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी लागू होते हैं। चाणक्य का मानना था कि जीवन की सफलता और सुरक्षा के लिए एक व्यक्ति को अपनी बोल-चाल पर पूरी तरह से नियंत्रण रखना चाहिए। उनका यह कहना था कि जीत और सफलता का सीधा संबंध इस बात से है कि आपने कौन सी बातें दुनिया से छिपाकर रखी हैं।

अपनी योजनाओं को गुप्त रखें

चाणक्य के अनुसार, जब हम अपनी आगामी योजनाओं या लक्ष्यों के बारे में किसी से बात करते हैं, तो उसकी सफलता के अवसर कम हो जाते हैं। इस बात का कोई मतलब नहीं है कि आपने भविष्य के लिए क्या सोचा है, क्योंकि लोग अनजाने में या प्रतिस्पर्धा के कारण आपके रास्ते में रुकावट डाल सकते हैं। इसलिए, अपनी योजना को गुप्त रखना और केवल काम खत्म होने पर उसे साझा करना ही बुद्धिमानी है।

धन और संपत्ति के बारे में चुप रहें

संपत्ति और कमाई का बखान करना खुद को खतरे में डालने जैसा हो सकता है। चाणक्य का कहना था कि अगर आप अपनी आर्थिक स्थिति को सार्वजनिक करते हैं, तो यह आपको धोखेबाजों और लालची लोगों के निशाने पर ला सकता है। गुप्त रहना आपकी सुरक्षा की पहली शर्त है, और इस पर पूरी तरह से ध्यान देना चाहिए।

पारिवारिक विवादों को बाहरी लोगों से दूर रखें

चाणक्य के सिद्धांतों के अनुसार, घर के अंदर होने वाली अनबन या पारिवारिक समस्याओं को बाहर नहीं फैलाना चाहिए। जब आप घर की समस्याओं को दूसरों से साझा करते हैं, तो यह केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि कभी-कभी लोगों द्वारा आपके रिश्तों में और खटास डालने का कारण बन सकता है। इससे न केवल आपकी प्रतिष्ठा को नुकसान हो सकता है, बल्कि रिश्तों में भी दरार आ सकती है।

अपनी कमजोरियों को दिखाने से बचें

हर इंसान में कुछ न कुछ कमजोरियां होती हैं, लेकिन उन्हें सार्वजनिक करना आत्मघाती हो सकता है। चाणक्य का कहना था कि जो व्यक्ति अपनी कमजोरियों को सबके सामने लाता है, वह दूसरों के लिए आसान शिकार बन जाता है। इसलिए, अपनी कमियों पर खामोशी से काम करें और उन्हें बाहर न लाएं।