अचानक बढ़ जाता है ब्लड प्रेशर; चाय-कॉफी छोड़िए, तुरंत बंद करें ये 4 चीजें वरना आ सकता है अटैक!
ब्लड प्रेशर (बीपी) का अचानक काबू से बाहर होकर बढ़ जाना स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। अक्सर लोग इसे केवल पुरानी बीमारी या उम्र का असर मानते हैं, मगर कई बार हमारी दिनचर्या की छोटी-छोटी आदतें और खान-पान भी अचानक बीपी स्पाइक की मुख्य वजह बन जाते हैं। पुणे स्थित प्रतिष्ठित इनामदार मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. शालिनी सिंह सालुंखे के अनुसार, शरीर में रक्तचाप अचानक बढ़ने के पीछे कई ऐसे ट्रिगर्स होते हैं जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
अचानक सामान्य स्तर से काफी ऊपर चला जाता है बीपी
दिनभर की सुस्ती भगाने के लिए पी जाने वाली बहुत ज्यादा कड़क या स्ट्रॉन्ग कॉफी इसका एक बड़ा कारण बन सकती है। कॉफी में भारी मात्रा में मौजूद कैफीन सीधे सेंट्रल नर्वस सिस्टम को सक्रिय कर देता है। इसके प्रभाव से रक्त वाहिकाएं कुछ समय के लिए सिकुड़ जाती हैं और दिल की धड़कन तेज हो जाती है, जिससे बीपी अचानक सामान्य स्तर से काफी ऊपर चला जाता है। इसी तरह बाजार में मिलने वाले रेडी-टू-ड्रिंक एनर्जी ड्रिंक्स भी दिल की सेहत के लिए बड़ा खतरा साबित होते हैं। इन ड्रिंक्स में कैफीन के अलावा कृत्रिम उत्तेजक और शुगर का भारी मिश्रण होता है, जो कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव डालकर ब्लड प्रेशर को तेजी से बढ़ा देता है।
स्ट्रीट फूड और रेस्टोरेंट में मिलने वाले चाइनीज फूड्स जैसे नूडल्स, मंचूरियन, फ्राइड राइस और चिली पनीर का अत्यधिक सेवन भी अचानक बीपी बढ़ने की एक आम वजह है। इन व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए भारी मात्रा में सोडियम (अजीनोमोटो और नमक) इस्तेमाल किया जाता है। अत्यधिक नमक शरीर में वाटर रिटेंशन यानी पानी के जमाव को बढ़ाता है, जिससे रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है और रक्तचाप अचानक खतरे के निशान तक पहुंच जाता है।
शारीरिक खान-पान के अलावा मानसिक स्थिति भी सीधे रक्तचाप को प्रभावित करती है। बात-बात पर अत्यधिक गुस्सा आना और लंबे समय तक तनाव में रहना रक्तचाप को एकदम से बढ़ा देता है। डॉक्टर सालुंखे बताती हैं कि अत्यधिक गुस्से और तनाव की स्थिति में शरीर में एड्रेनालिन और कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्राव तेजी से होने लगता है। ये हार्मोन दिल की धड़कन को असामान्य रूप से तेज कर देते हैं और धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ा देते हैं, जो लंबे समय में स्ट्रोक या दिल के दौरे जैसी आपातकालीन स्थिति का कारण बन सकता है।