उम्र 50 पार और शराब की आदत, जानिए कितने प्रतिशत बढ़ जाता है कैंसर का सीधा खतरा
शराब शरीर के लिए धीमा जहर है और इसका सबसे पहला व सीधा शिकार लिवर बनता है। लंबे समय तक जाम छलकाने की आदत फैटी लिवर से शुरू होकर लिवर सिरोसिस और फिर जानलेवा लिवर कैंसर में बदल जाती है। आम इंसान के लिए तो यह घातक है ही, लेकिन अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो शराब की एक बूंद भी आपके लिए दोहरी मुसीबत बन सकती है। यह न केवल लिवर को छलनी करती है, बल्कि पैंक्रियाज (अग्न्याशय) को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाकर इंसुलिन बनने की पूरी प्रक्रिया को ठप कर देती है। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि क्या शुगर के मरीजों के लिए शराब की कोई सेफ लिमिट तय है?
देश के शीर्ष लिवर विशेषज्ञ डॉ. शिव कुमार सरीन ने अपनी किताब 'ओन योर बॉडी' में चौंकाने वाले वैज्ञानिक आंकड़े साझा किए हैं। 40 से 80 वर्ष की उम्र के 5 लाख 4 हजार से अधिक लोगों पर हुई एक व्यापक स्टडी के अनुसार, शराब का लिवर कैंसर से गहरा ताल्लुक है। अध्ययन बताता है कि सालाना 20 गैलन शराब पीने से 50 वर्ष की आयु में कैंसर का खतरा 6%, 50-59 की उम्र में 8%, 60-69 में 16% और 70-80 वर्ष की आयु के लोगों में यह जोखिम बढ़कर सीधे 30% तक पहुंच जाता है।
अंतरराष्ट्रीय मेडिकल स्टडीज 'हेल्थ 2000' और 'फिनरिस्क (1992-2012)' का डेटा भी साफ करता है कि शराब पीने से गंभीर लिवर रोग और कैंसर का खतरा इसकी खुराक के हिसाब से लगातार बढ़ता है। शरीर के अंदर शराब टूटकर एसीटैल्डिहाइड (Acetaldehyde) में बदलती है, जो लिवर के अलावा मुंह, फूड पाइप, पेट, पैंक्रियाज, प्रोस्टेट और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की बड़ी वजह बनता है।
डॉ. सरीन साफ शब्दों में आगाह करते हैं कि मेडिकल साइंस में शराब की कोई सुरक्षित सीमा (Safe Limit) नहीं होती। डायबिटीज के मरीजों के लिए शराब पीना जलते घाव पर नमक छिड़कने जैसा है, जिससे फैटी लिवर, लिवर फाइब्रोसिस और हेपेटाइटिस का जोखिम कई गुना तेज हो जाता है। इसके अलावा, शराब ब्लड शुगर के संतुलन को बिगाड़ देती है। इंसुलिन या शुगर की दवाएं लेने वाले मरीजों में शराब पीने के कई घंटे बाद शुगर का स्तर खतरनाक रूप से गिर सकता है, जिसे मेडिकल भाषा में हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं। यह स्थिति अचानक बेहोशी या कोमा जैसी आपात स्थिति पैदा कर सकती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को शराब से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए और अपनी दवाओं व लिवर की स्थिति के अनुसार तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।