मोकामा के 'छोटे सरकार' का खुला ऐलान: "दुनिया में मेरा बस एक ही दुश्मन है, बाकी किसी से बैर नहीं!"
बिहार की सियासत में अपने बेबाक और दबंग अंदाज के लिए मशहूर मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने एक बार फिर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नवनिर्वाचित एमएलसी नीरज कुमार पर सीधा निशाना साधा है। जेडीयू से निष्कासन के बाद अपने पहले बड़े इंटरव्यू में बाहुबली विधायक ने दो टूक कहा कि बिहार विधान परिषद चुनाव में नीरज कुमार को तंग करके उन्हें दिली सुकून मिला है। अनंत सिंह ने साफ किया कि पटना स्नातक सीट पर उनकी लड़ाई जेडीयू संगठन या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर सिर्फ और सिर्फ नीरज कुमार के खिलाफ थी।
पटना स्नातक सीट पर हुए मुकाबले में अनंत सिंह ने जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह को खुला समर्थन दिया था। चुनाव नतीजों में अनुज सिंह भले ही तीसरे स्थान पर रहे और नीरज कुमार चौथी बार जीत दर्ज करने में सफल रहे, लेकिन अनंत सिंह को इसका कोई मलाल नहीं है। बाहुबली विधायक का कहना है कि उनका मकसद चुनाव जीतना नहीं बल्कि अपने राजनीतिक विरोधी को मैदान में कड़ी टक्कर देना और परेशान करना था, जिसमें वे कामयाब रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन सुराज के प्रत्याशी का साथ उन्होंने प्रशांत किशोर के लिए नहीं, बल्कि नीरज का विरोध करने के लिए दिया था।
बेटी शिवांगी की शादी की भव्य तैयारियां जोरों पर
अनंत सिंह के पैतृक गांव नदवां में इस वक्त उनकी बेटी शिवांगी की शादी की भव्य तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। 25 नवंबर को होने वाले इस मांगलिक कार्यक्रम को लेकर अनंत सिंह ने कहा कि उनका राजनीतिक रूप से कोई दूसरा विरोधी नहीं है और वे शादी समारोह में पक्ष-विपक्ष के सभी नेताओं को आमंत्रित करेंगे। हालांकि, उन्होंने साफ शब्दों में दोहराया कि पूरी दुनिया में उनका केवल एक ही सियासी दुश्मन है, जिनका नाम नीरज कुमार है और वे उन्हें छोड़कर बाकी हर किसी को अपनी बेटी की शादी का न्योता भेजेंगे।
एमएलसी चुनाव में पार्टी लाइन के खिलाफ जाने के चलते जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने अनंत सिंह को पार्टी से निष्कासित करते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को पत्र लिखकर उनकी विधायकी रद्द करने की सिफारिश की थी। स्पीकर की ओर से जारी नोटिस पर जवाब देने के सवाल पर मोकामा विधायक ने कहा कि उनका पूरा ध्यान अभी बेटी के विवाह पर केंद्रित है। उन्होंने अब तक नोटिस की फाइल नहीं देखी है और 25 नवंबर को शादी संपन्न होने के बाद ही वे विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष अपना औपचारिक पक्ष रखेंगे।