कभी जहां नक्सलियों का खौफ था, वहां दिवाली मनाने पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी 13 साल पुरानी परंपरा को निभाते हुए इस बार भी देश के वीर जवानों के साथ दीपावली का पावन पर्व मनाने पहुंचे हैं। पीएम मोदी ने दिवाली की सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वे इस साल सुरक्षाबलों के बीच उत्सव मनाने के लिए छत्तीसगढ़ के बस्तर जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने लिखा कि जिस इलाके में कभी नक्सलियों का खौफ हुआ करता था, आज वहां विकास की नई किरण दिख रही है। देश की सुरक्षा में तैनात जांबाज जवानों के त्याग, तपस्या, बलिदान और अटूट समर्पण को नमन करने के लिए वे उनके बीच मौजूद रहेंगे।
सुरक्षाबलों के बीच जाने से ठीक एक दिन पहले शनिवार को प्रधानमंत्री ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश जारी कर सभी देशवासियों को प्रकाश पर्व की बधाई दी थी। अपने संदेश में उन्होंने कहा था कि रोशनी का यह महापर्व अंधकार पर विजय और हमारे दृढ़ संकल्प का प्रतीक है, साथ ही यह भी दोहराया था कि वे हर साल की भांति इस बार भी अपनी दिवाली सरहद के प्रहरियों के साथ ही साझा करेंगे।
साल 2014 में देश की बागडोर संभालने के बाद से ही नरेंद्र मोदी हर दिवाली सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों के बीच बिताते आ रहे हैं। पिछले साल उन्होंने गोवा के पास समुद्र में नौसेना के स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर तैनात नौसैनिकों के साथ दीपोत्सव का जश्न मनाया था।
पीएम मोदी की जवानों के साथ दिवाली का सफर सियाचिन की बर्फीली चोटियों से लेकर रेगिस्तान और दलदली इलाकों तक फैला रहा है। साल 2014 में उन्होंने लद्दाख के बेहद दुर्गम सियाचिन ग्लेशियर में जवानों के साथ पहली दिवाली मनाई थी। इसके बाद 2015 में पंजाब के खासा बॉर्डर, 2016 में हिमाचल प्रदेश के सुमदो, 2017 में जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर और 2018 में उत्तराखंड के हर्षिल में सेना के जवानों के बीच पहुंचे।
साल 2019 में प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी, 2020 में राजस्थान के जैसलमेर बॉर्डर और 2021 में नौशेरा सेक्टर में अग्रिम मोर्चे पर तैनात जवानों के साथ खुशियां बांटीं। वहीं साल 2022 में लद्दाख के कारगिल, 2023 में हिमाचल प्रदेश के लेपचा और 2024 में गुजरात के सर क्रीक में बीएसएफ और सेना के जवानों के संग उत्सव मनाया। अब बस्तर में सुरक्षाबलों के बीच उनकी मौजूदगी वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले जवानों के हौसले को नई ताकत देगी।