'जय श्री राम' बोलने पर गोलियां चलती थीं... अयोध्या पहुंचते ही विपक्ष पर गरजे CM योगी, याद दिलाए पुराने काले दिन!

'जय श्री राम' बोलने पर गोलियां चलती थीं... अयोध्या पहुंचते ही विपक्ष पर गरजे CM योगी, याद दिलाए पुराने काले दिन!

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय अयोध्या दौरे के दूसरे दिन रविवार सुबह हनुमानगढ़ी में संकटमोचन के दर्शन किए और इसके बाद राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर रामलला की विधिवत पूजा-अर्चना की। रामलला का आशीर्वाद लेने के बाद मुख्यमंत्री सीधे रामघाट हाल्ट स्थित निषाद बस्ती पहुंचे। यहां आयोजित दीपावली मिलन समारोह में उन्होंने स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित करते हुए उन्हें दीपावली के उपहार बांटे। बस्ती के लोगों और सफाई मित्रों से आत्मीय संवाद के दौरान सीएम ने उनके साथ तस्वीरें और सेल्फी भी खिंचवाईं। इसके बाद उन्होंने अशोक सिंघल वार्ड, दिगंबर अखाड़ा, बड़ा भक्तमाल और मणिराम दास छावनी का रुख कर प्रमुख संतों व धर्माचार्यों से मुलाकात की तथा उनका मार्गदर्शन लिया। संतों के साथ संवाद का यह सिलसिला कारसेवकपुरम में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक तक जारी रहने वाला है।

दर्शन-पूजन और संतों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत करते हुए अयोध्या के पुराने और नए दौर की तुलना की। उन्होंने कहा कि एक दौर ऐसा भी था जब अयोध्या की धरती पर 'जय श्री राम' का उद्घोष करने पर पाबंदियां लगाई जाती थीं, रामभक्तों पर लाठियां और गोलियां बरसाई गईं तथा पारंपरिक परिक्रमाओं पर रोक लगा दी गई थी। सीएम ने कहा कि आज का माहौल पूरी तरह बदल चुका है; अब अयोध्या में देश-दुनिया से आने वाले करोड़ों रामभक्तों का स्वागत पूरे सम्मान और सत्कार के साथ होता है। उन्होंने कहा कि बिना किसी भेदभाव के हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है और अयोध्या अब गहरी आस्था और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का एक अद्भुत और प्रेरक संगम बन चुकी है।

इससे पहले शनिवार को सीएम योगी की मौजूदगी में अयोध्या का 10वां भव्य दीपोत्सव ऐतिहासिक गौरव के साथ संपन्न हुआ। राम की पैड़ी, चौधरी चरण सिंह घाट और सरयू तट के विस्तृत किनारों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये एक साथ प्रज्वलित कर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया गया। इस दौरान नवनिर्मित भव्य राम मंदिर को मनमोहक रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, वहीं आसमान में हुए भव्य ड्रोन शो और सतरंगी आतिशबाजी ने पूरी राम नगरी के उत्सव को वैश्विक पटल पर यादगार बना दिया।