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Up kiran,Digital Desk : राजधानी दिल्ली की सड़कें मामूली बातों पर भी कितनी जानलेवा हो सकती हैं, इसका एक और खौफनाक उदाहरण सामने आया है। बाहरी दिल्ली के अमन विहार इलाके में सिर्फ गाड़ी को रास्ता देने को लेकर हुई कहासुनी में एक डीटीसी बस के ड्राइवर की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान विकास (26) के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का इकलौता बेटा था।

शादी से बुलाए रिश्तेदार और कर दी हत्या

पुलिस के मुताबिक, यह दिल दहला देने वाली घटना शनिवार देर रात की है, जब विकास अपनी डीटीसी की इलेक्ट्रिक बस लेकर शिव चौक के पास से गुजर रहा था। सड़क पर भीड़ होने के कारण रास्ता देने को लेकर उसकी एक ऑल्टो कार के ड्राइवर से बहस हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि कार चालक ने पास ही चल रहे एक शादी समारोह से फोन करके अपने रिश्तेदारों को बुला लिया।

इसके बाद सबने मिलकर बस ड्राइवर विकास पर हमला बोल दिया और उसे लात-घूंसों से तब तक पीटा, जब तक वह अधमरा होकर सड़क पर नहीं गिर गया। इस दौरान बीच-बचाव करने आए एक राहगीर सूरज को भी चोटें आईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान रविवार को विकास ने दम तोड़ दिया।

पुलिस ने बस कंडक्टर के बयान पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और कार के नंबर के आधार पर मुख्य आरोपी राहुल को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल उसके बाकी रिश्तेदारों की तलाश की जा रही है।

घर का इकलौता चिराग बुझ गया

विकास हरियाणा के बहादुरगढ़ का रहने वाला था और दो साल पहले ही डीटीसी में ड्राइवर की नौकरी पर लगा था। वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था, जिसके पिता गांव में खेती करते हैं। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। इकलौते बेटे की मौत की खबर ने पिता पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है और पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

साथियों का फूटा गुस्सा, हाईवे किया जाम

इस निर्मम हत्या की खबर जैसे ही डीटीसी के दूसरे कर्मचारियों को मिली, उनका गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों नाराज ड्राइवर और कर्मचारी रोहिणी सेक्टर-37 स्थित बस डिपो के पास इकट्ठा हुए और यूईआर-2 हाईवे को जाम कर दिया। वे सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस हंगामे के कारण हाईवे पर करीब दो घंटे तक भयंकर जाम लगा रहा और गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में पुलिस के बड़े अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ।