झारखंड में मंडरा रहा खतरा! 'अर्नब' के बाद 5 जिलों में येलो अलर्ट, क्या मचने वाली है तबाही?

झारखंड में मंडरा रहा खतरा! 'अर्नब' के बाद 5 जिलों में येलो अलर्ट, क्या मचने वाली है तबाही?

चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के कमजोर पड़ने के बावजूद झारखंड के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में राजधानी रांची सहित सूबे के अधिकांश हिस्सों में अच्छी मानसूनी बारिश दर्ज की गई है। हालांकि बुधवार के मुकाबले गुरुवार दोपहर तक बारिश की तेजी में कुछ कमी आई, लेकिन दोपहर बाद से कई इलाकों में रुक-रुक कर रिमझिम फुहारों का सिलसिला बना रहा। बारिश और घने बादलों के चलते दिन के अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की तीखी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे राज्य में सिहरन भरी ठंड बढ़ गई है। वहीं, आसमान में बादलों के डेरे के कारण न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री की अस्थायी बढ़त देखी गई, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बादल छंटते ही पारे में 5 से 6 डिग्री की जबर्दस्त गिरावट आएगी और ठंड में भारी इजाफा होगा।

राज्य के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज किए गए बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो सरायकेला खरसावां जिले के कुकड़ू में सबसे अधिक 88.4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि राजधानी रांची में 26.2 मिमी बारिश दर्ज हुई। चक्रवात के असर को देखते हुए मौसम केंद्र ने शुक्रवार के लिए राज्य के 5 प्रमुख जिलों—पलामू, गढ़वा, गोड्डा, पाकुड़ और साहेबगंज में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका जताते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। तापमान की बात करें तो रांची में अधिकतम 24.2 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री, जमशेदपुर में अधिकतम 28 और न्यूनतम 22 डिग्री, डाल्टनगंज में अधिकतम 27.2 और न्यूनतम 20.3 डिग्री, बोकारो में अधिकतम 29.1 और न्यूनतम 21.1 डिग्री, जबकि चाईबासा में अधिकतम पारा 27 डिग्री और न्यूनतम 19.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अति प्रचंड चक्रवाती तूफान 'अर्नब' अब कमजोर होकर एक गहरे अवदाब में तब्दील हो चुका है और 22 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर दिशा में बढ़ रहा है। इसका मौजूदा केंद्र दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर स्थित है, जिस पर रायपुर और संबलपुर के डॉप्लर वेदर रडार से चौबीसों घंटे सीधी निगरानी रखी जा रही है। देर शाम तक यह प्रणाली और कमजोर होकर सुव्यक्त निम्न दाब क्षेत्र में बदलने की दिशा में है। उधर, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण अंडमान सागर क्षेत्र में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो चुका है, जो अगले 24 से 48 घंटों में उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए गहरे अवदाब में तब्दील हो सकता है, जिससे आने वाले दिनों में मौसमी गतिविधियों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।