झारखंड में मानसून की विदाई शुरू, आंधी-बारिश का भारी अलर्ट खत्म
झारखंड में मानसून की विदाई शुरू, आंधी-बारिश का भारी अलर्ट खत्म; अब रांची, पलामू समेत 5 प्रमुख जिलों में छाएगा साफ आसमान और गिरेगा तापमान, जानें ताजा अपडेट
झारखंड के मौसम मिजाज में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसके तहत लंबे समय से राज्य में सक्रिय मानसून अब धीरे-धीरे अपनी विदाई की राह पकड़ चुका है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक झारखंड के विभिन्न हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो चुकी है, जिससे अब झमाझम बारिश और आंधी-तूफान के दौर पर पूरी तरह से विराम लगता नजर आ रहा है. पिछले कई महीनों से राज्यभर में बादलों की आवाजाही और भारी बारिश का जो सिलसिला बना हुआ था, वह अब थमने लगा है और आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह से शुष्क (Dry Weather) होने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि कुछेक इलाकों में हल्की फुल्की बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन अब बाढ़ या अत्यधिक जलभराव जैसी आपदाओं का खतरा टल चुका है. राजधानी रांची समेत पलामू, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो जैसे प्रमुख जिलों में अब मौसम का रुख किस प्रकार बदलने वाला है और ठंड की आहट के साथ तापमान में क्या उतार-चढ़ाव आ रहा है, आइए जानते हैं मौसम विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पूरे राज्य का विस्तृत हाल.
रांची का मौसम: राजधानी में छाने लगा साफ आसमान और हल्की ठंड का अहसास
झारखंड की राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद अब मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है. रांची स्थित मौसम केंद्र के अनुसार अब राजधानी में मानसून की विदाई की परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं, जिसके चलते दिन के समय खिली हुई धूप निकलने लगी है. हालांकि सुबह और शाम के वक्त ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहाना हो गया है और लोगों को हल्की सिहरन का अहसास होने लगा है जो इस बात का संकेत है कि अब सर्दियों का मौसम धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहा है. अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, लेकिन शाम ढलते ही पारे में गिरावट आने से मौसम बेहद आरामदायक बना हुआ है.
पलामू और उत्तर-पश्चिमी जिलों का हाल: उमस भरे मौसम से मिलेगी राहत
पलामू प्रमंडल जिसमें पलामू, गढ़वा और चतरा जैसे इलाके शामिल हैं, वहां भी मानसून के लौटने का असर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है. इन जिलों में पिछले कुछ हफ्तों से बारिश की गतिविधियों में काफी कमी दर्ज की गई थी और अब आसमान पूरी तरह से साफ होने की वजह से शुष्क हवाएं चलने लगी हैं. किसानों और आम जनजीवन के लिए यह बदलाव काफी राहत भरा माना जा रहा है क्योंकि धान की कटाई और खेतों से जुड़े अन्य कार्यों के लिए अब मौसम पूरी तरह अनुकूल हो गया है. पलामू क्षेत्र में दिन का तापमान थोड़ा ऊपर जा सकता है, लेकिन रात के तापमान में क्रमिक गिरावट आने से लोगों को उमस और चिपचिपी गर्मी से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी.
पूर्वी और संताल परगना के जिलों में मौसम का मिजाज
झारखंड के पूर्वी हिस्सों जैसे जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), सरायकेला और संताल परगना के कुछ इलाकों में मानसून की विदाई थोड़ी क्रमिक तरीके से हो रही है, जिसके कारण इक्का-दुक्का जगहों पर हल्के बादल तैरते नजर आ सकते हैं. हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का यह स्पष्ट कहना है कि अब किसी भी प्रकार की भारी बारिश या मूसलाधार आंधी-तूफान का कोई नया अलर्ट जारी नहीं किया गया है. राज्य के इन हिस्सों में भी आने वाले 4 से 5 दिनों के भीतर मौसम पूरी तरह से साफ और शुष्क हो जाएगा, जिससे दुर्गा पूजा और आगामी त्योहारी सीजन की तैयारियों में जुटे लोगों को किसी भी प्रकार की प्राकृतिक बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा.
इस साल कैसा रहा झारखंड में मानसून का ओवरऑल प्रदर्शन?
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष झारखंड में मानसून का सीजन लगभग सामान्य श्रेणी में ही समाप्त हुआ है, हालांकि जिलों के हिसाब से बारिश के आंकड़े में काफी असमानता देखने को मिली है. कुछ जिलों में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई, तो वहीं कुछ इलाके ऐसे भी रहे जहां मानसून की बेरुखी के कारण थोड़ा सूखा जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा. कुल मिलाकर राज्य का औसत बारिश का पैमाना सामान्य के करीब ही रहा है. अब चूंकि मानसून की विदाई की रेखा राज्य के ऊपर से गुजर रही है, इसलिए आने वाले हफ्तों में उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं का असर झारखंड के तापमान को और अधिक नीचे गिराएगा और ठंड में इजाफा करेगा.
निष्कर्ष: त्योहारी सीजन से पहले मौसम साफ होने से आम जनजीवन को राहत
अंत में यही कहा जा सकता है कि झारखंड के लोगों के लिए मानसून की यह विदाई एक बेहद सुखद खबर लेकर आई है, क्योंकि भारी बारिश और आंधी-तूफान का दौर अब थम चुका है. रांची, पलामू समेत सभी प्रमुख जिलों में अब साफ और सुहाना मौसम देखने को मिलेगा, जो आने वाले बड़े त्योहारों के उल्लास को और अधिक बढ़ा देगा. बदलते मौसम के इस दौर में सुबह और शाम की हल्की ठंड का आनंद लेते हुए लोग अपने रोजमर्रा के कामों और उत्सवों की तैयारियों में जुट सकते हैं