राजस्थान यूथ कांग्रेस को मिला नया कप्तान: चुनाव में अभिषेक चौधरी ने मारी बाजी, जानें छात्र राजनीति से प्रदेशाध्यक्ष बनने तक का सफर

राजस्थान यूथ कांग्रेस को मिला नया कप्तान: चुनाव में अभिषेक चौधरी ने मारी बाजी, जानें छात्र राजनीति से प्रदेशाध्यक्ष बनने तक का सफर

राजस्थान यूथ कांग्रेस को नया सेनापति मिल गया है। संगठन के बहुप्रतीक्षित चुनावी नतीजों में पूर्व NSUI प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी ने जोरदार बढ़त बनाते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। सर्वाधिक मत मिलने के बाद अब प्रदेश युवा कांग्रेस की बागडोर पूरी तरह उनके हाथों में आने जा रही है। छात्र राजनीति के जरिए जमीनी स्तर से उभरे अभिषेक चौधरी को यह जिम्मेदारी मिलना राजस्थान की सियासत में युवाओं की नई लामबंदी के तौर पर देखा जा रहा है।

खेत-खलिहान से छात्र राजनीति तक का सफर

अभिषेक चौधरी मूल रूप से नवगठित फलोदी जिले के चिमाना गांव के रहने वाले हैं। एक सामान्य कृषक परिवार में जन्मे अभिषेक के पिता वकालत और खेती-किसानी से जुड़े रहे हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। स्कूली पढ़ाई गृह जिले में पूरी करने के बाद वे उच्च शिक्षा के लिए जयपुर पहुंचे और राजस्थान विश्वविद्यालय में दाखिला लिया।

यहीं से उनकी सक्रिय राजनीति की नींव पड़ी। राजस्थान विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज में पढ़ाई के दौरान वे छात्र राजनीति का चर्चित चेहरा बने और लॉ कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए। वर्ष 2014 के दौर में राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनावों में उनकी और अनिल चोपड़ा की चुनावी प्रतिद्वंद्विता काफी चर्चा में रही थी।

NSUI की अगुवाई से विधानसभा के बड़े दंगल तक

छात्र राजनीति में लगातार सक्रियता का इनाम उन्हें जुलाई 2020 में मिला, जब संगठन ने उन्हें NSUI राजस्थान का प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया। जनवरी 2024 तक इस पद पर रहते हुए उन्होंने युवाओं और छात्रों से जुड़े कई आंदोलनों की अगुवाई की।

इसके बाद पार्टी आलाकमान ने 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में उन पर बड़ा दांव खेला और जयपुर की हाई-प्रोफाइल झोटवाड़ा सीट से टिकट थमा दिया। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ जैसे दिग्गज चेहरे के सामने उतरे अभिषेक चौधरी चुनाव जरूर नहीं जीत सके, लेकिन 97,746 वोट बटोरकर उन्होंने मुकाबले को बेहद कड़ा बना दिया था।

सामाजिक सरोकार: 1008 बहनों के विवाह का संकल्प

सियासी मैदान के साथ-साथ अभिषेक चौधरी सामाजिक कार्यों को लेकर भी युवाओं के बीच पहचान रखते हैं। उन्होंने 1008 जरूरतमंद बहनों के नि:शुल्क विवाह का संकल्प लिया हुआ है, जिसके तहत अब तक 360 से अधिक कन्याओं के विवाह संपन्न कराए जा चुके हैं। इसके अलावा ‘योग्य शाला’ अभियान के जरिए वे आर्थिक रूप से कमजोर करीब 150 बच्चों की स्कूली शिक्षा और बाड़मेर सहित प्रदेश के सुदूर इलाकों में जरूरतमंदों की मदद का जिम्मा भी संभाल रहे हैं।

एक नजर में अभिषेक चौधरी का राजनीतिक सफर

  • राजस्थान विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व की शुरुआत।

  • 2014 में राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में मुख्य धारा का चेहरा बने।

  • जुलाई 2020 से जनवरी 2024 तक NSUI राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष पद का सफल संचालन।

  • 2023 विधानसभा चुनाव में झोटवाड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी बनकर 97,746 वोट हासिल किए।

  • 1008 जरूरतमंद बहनों के विवाह और 'योग्य शाला' शिक्षा पहल से सामाजिक पहचान।