गठबंधन सिर्फ नाम का, BJP के इस एक फैसले से बंगाल निकाय चुनाव में मच गया भयंकर तहलका
पश्चिम बंगाल में कोलकाता नगर निगम (KMC) और हावड़ा सहित सात निकायों के चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य में सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब अपने ही NDA सहयोगी नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से दूरी बनाती दिख रही है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने साफ कर दिया है कि भाजपा आगामी KMC चुनाव में सभी 209 वार्डों पर अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ेगी। वरिष्ठ भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने भी स्पष्ट किया कि NCPI के साथ उनका गठबंधन केवल संसदीय स्तर पर है, नगर निकाय स्तर पर कोई चुनावी समझौता नहीं होगा।
उधर, बंगाल भाजपा प्रमुख शमिक भट्टाचार्य ने उन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि टूटी हुई तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व पार्षदों को भाजपा टिकट दे सकती है। बताया जा रहा है कि NCPI में शामिल हुए TMC के बागी सांसद KMC चुनाव में टिकट पाने की जुगत में लगातार भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। चुनाव नवंबर के अंत में होने की उम्मीद है और भाजपा जल्द उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है।
इसी बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने NCPI के वरिष्ठ नेता सुदीप बंदोपाध्याय से मुलाकात की। सीएम ने इसे महज एक शिष्टाचार भेंट बताया और सुदीप की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी भाजपा समर्थक को परेशान नहीं किया।
यूसुफ पठान बने उपाध्यक्ष
वहीं सुदीप ने भी NDA सहयोगी के तौर पर मदद का भरोसा दिया है। बता दें कि सितंबर में NCPI ने अपनी नई टीम का ऐलान किया था, जिसमें यूसुफ पठान, दीपक अधिकारी देव और रचना बनर्जी सहित TMC से आए 7 नेताओं को उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि काकोली घोष दस्तीदार को चीफ व्हिप और सुदीप को फ्लोर लीडर की जिम्मेदारी दी गई है।