कलयुगी बाप की दरिंदगी, ढाई साल के मासूम बेटे को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाया; वजह जानें

कलयुगी बाप की दरिंदगी, ढाई साल के मासूम बेटे को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाया; वजह जानें

गुजरात से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक पिता अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए अपनी जान तक न्योछावर कर देता है, वहीं एक कलयुगी पिता ने अकेले परवरिश की जिम्मेदारी से बचने के लिए अपने ही ढाई साल के मासूम बेटे को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया। गंभीर रूप से झुलसे बच्चे ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इतना ही नहीं, जुर्म छिपाने के लिए परिजनों की मिलीभगत से मासूम के शव को आनन-फानन में दफना भी दिया गया। हालांकि, आरोपी के सगे चाचा की तत्परता और पुलिस की मुस्तैदी से इस भयानक हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया।

पुलिस जांच में जो वजह सामने आई है, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है। आरोपी पिता की पहचान अशोक रावत के रूप में हुई है। पारिवारिक विवाद के चलते आरोपी की पत्नी करीब तीन महीने पहले उसे छोड़कर अपने मायके चली गई थी। मायके जाते समय वह अपने ढाई साल के बेटे को पति के पास ही छोड़ गई थी। पत्नी के जाने के बाद अशोक को अकेले बच्चे की देखरेख और लालन-पालन भारी बोझ लगने लगा। इस जिम्मेदारी से हमेशा के लिए पीछा छुड़ाने की सनक में उसने मासूम पर पेट्रोल उड़ेल दिया और बेरहमी से आग के हवाले कर दिया। चीख-पुकार सुनकर बच्चे को अस्पताल तो ले जाया गया, लेकिन गंभीर रूप से झुलस जाने के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मासूम की मौत के बाद आरोपी पिता और उसके परिवार के कुछ सदस्यों ने कानून से बचने के लिए खौफनाक साजिश रची। बिना किसी को भनक लगे बच्चे के शव को चुपके से दफना दिया गया ताकि मौत की असली वजह हमेशा के लिए राज बनकर रह जाए। लेकिन जब आरोपी अशोक के चाचा को इस दरिंदगी की भनक लगी, तो उन्होंने बिना देर किए सीधे पुलिस से संपर्क साधा और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस टीम ने श्मशान घाट पहुंचकर कब्र खुदवाई और मासूम के शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने कातिल पिता अशोक रावत को हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और तेज की जाएगी, साथ ही शव को छिपाने में मदद करने वाले अन्य परिजनों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।