IND vs WI 4th T20: हैदराबाद में 24 रन से हारा भारत, इन 5 खिलाड़ियों का फ्लॉप शो पड़ा भारी
भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के चौथे मुकाबले में टीम इंडिया को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। बुधवार, 14 अक्टूबर को हैदराबाद के मैदान पर खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में कैरेबियाई टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए भारत को 24 रनों से हरा दिया। पूरे मैच के दौरान भारतीय टीम दबाव से उबर नहीं पाई और कई प्रमुख खिलाड़ियों का लचर प्रदर्शन इस हार की मुख्य वजह बना।
नमन धीर का ऑलराउंड फ्लॉप शो
ऑलराउंडर नमन धीर के लिए यह मुकाबला किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। गेंदबाजी के दौरान कप्तान ने जब उन्हें गेंद सौंपी, तो उन्होंने अपने इकलौते ओवर में ही 19 रन लुटा दिए। इसके बाद बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय टीम को उनसे बल्ले से तेज शुरुआत और साझेदारी की उम्मीद थी, लेकिन वे पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। उनके इस शून्य पर आउट होने से चेज कर रही भारतीय टीम गहरे दबाव में फंस गई।
मयंक यादव की गति पर कैरेबियाई बल्लेबाजों का प्रहार
अपनी तेज रफ्तार के लिए जाने जाने वाले गेंदबाज मयंक यादव हैदराबाद की पिच पर पूरी तरह बेअसर नजर आए। उन्होंने 13.00 की बेहद महंगी इकॉनमी रेट से रन दिए। अपने स्पेल में 52 रन लुटाने के बावजूद मयंक एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। शुरुआती और मिडिल ओवर्स में रनों पर अंकुश न लगा पाने के कारण वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने खुलकर बड़े शॉट्स लगाए और मजबूत स्कोर खड़ा कर दिया।
अर्शदीप सिंह का महंगा स्पेल
जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में पेस अटैक की कमान संभाल रहे अनुभवी तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह भी अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते दिखे। हालांकि उन्होंने एक सफलता जरूर हासिल की, लेकिन अपने 4 ओवर के कोटे में 52 रन खर्च कर डाले। डेथ ओवर्स और पावरप्ले में उनका महंगा साबित होना टीम इंडिया के लिए भारी पड़ गया।
श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल का खामोश बल्ला
मध्यक्रम में अनुभवी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर एक बार फिर उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। चौथे नंबर पर खेलते हुए जब टीम को एंकरिंग और तेजी दोनों की दरकार थी, तब वे 11 गेंदों में महज 16 रन बनाकर अपना विकेट गंवा बैठे। वहीं गेंदबाजी में एक विकेट लेने और 45 रन खर्च करने वाले उपकप्तान अक्षर पटेल भी बल्ले से कोई योगदान नहीं दे सके। जरूरत के वक्त अक्षर केवल 3 रन बनाकर चलते बने, जिससे भारत की जीत की उम्मीदें पूरी तरह समाप्त हो गईं।