उत्तराखंड का गैरसैंण सत्र होगा हंगामेदार, 426 सवालों के जवाब देने के लिए तैयार धामी सरकार
उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। चमोली जिले के गैरसैंण में आगामी 27 अक्टूबर से दो दिवसीय विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है, जिसको लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों ने अपनी कमर कस ली है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने जानकारी दी है कि इस सत्र के लिए विधायकों की तरफ से कुल 426 सवाल मिल चुके हैं, और सदन के सफल संचालन के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
सत्र की अवधि केवल दो दिन रखे जाने पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सत्र की अवधि तय करना सरकार का अधिकार है और कम समय में जनता की समस्याओं का ज्यादा से ज्यादा समाधान कैसे हो, इस पर पूरा जोर रहेगा। उन्होंने सभी पक्ष और विपक्ष के विधायकों से सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावों से ठीक पहले बुलाए गए इस सत्र में सरकार कुछ अहम विधेयक लाने के साथ ही बड़े ऐलान भी कर सकती है।
उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि जनता अब विपक्ष के भ्रामक और दुष्प्रचार वाले मुद्दों पर विश्वास नहीं करती है, और सरकार राज्यहित से जुड़े हर विषय पर सकारात्मक जवाब देने से पीछे नहीं हटेगी। हालांकि, इस सत्र के दौरान कांग्रेस आक्रामक तेवर दिखाने की तैयारी में है और वह अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े कथित वीवीआईपी मामले को लेकर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना रही है।
कांग्रेस चुनाव प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि मामले की जांच पूरी होने तक किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को संवैधानिक पद पर बने रहना जनता के साथ धोखा है। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज उत्तराखंड बीजेपी में 95 प्रतिशत नेता मूल रूप से कांग्रेसी ही हैं। इस सियासी बयानबाजी ने राज्य की राजनीति का पारा और अधिक बढ़ा दिया है, जिससे गैरसैंण का यह छोटा सत्र काफी हंगामेदार होने के आसार नजर आ रहे हैं।