एक वीडियो कॉल और व्यापारी कंगाल! 47 लाख की जबरन वसूली के बाद खुला इंटरनेशनल गिरोह का कच्चा चिट्ठा
महाराष्ट्र के बीड जिले से साइबर ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली का रोंगटे खड़े कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां दो नेपाली युवतियों ने लोकप्रिय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 'टैंगो' (Tango) ऐप के जरिए एक उच्चशिक्षित व्यापारी को अपने प्रेमजाल में फांसकर उनका निजी वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद क्लिप को इंटरनेट पर वायरल करने का खौफ दिखाकर बैंक ट्रांसफर और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पीड़ित से करीब 47 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम वसूल ली।
व्यापारी की शिकायत और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन ने आरोपी प्रिया देवी प्रसाद और तमन्ना रावत के खिलाफ रंगदारी, धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी युवतियां मूल रूप से नेपाल की नागरिक हैं और भारत में रहकर कथित तौर पर जाली पासपोर्ट और फर्जी आधार कार्ड जैसे संवेदनशील भारतीय पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रही थीं। यही नहीं, दर्ज शिकायत में इस बात की भी गंभीर आशंका जताई गई है कि दोनों युवतियां भारत से लड़कियों को बहला-फुसलाकर अवैध तरीके से विदेशों में देह व्यापार के लिए धकेलने वाले एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट का हिस्सा हो सकती हैं। पुलिस की साइबर और लोकल क्राइम ब्रांच की टीमें आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर उनकी धरपकड़ में जुट गई हैं।
बीड की यह वारदात दर्शाती है कि कैसे ऑनलाइन डेटिंग और वीडियो कॉलिंग ऐप्स साइबर जालसाजों और हनीट्रैप गिरोहों का खतरनाक गढ़ बनते जा रहे हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के ही नागपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र से भी मिलता-जुलता गिरोह पकड़ा गया था, जहां एक बार संचालक दंपति और उनके साथियों ने 'हैप्पी' (Happy) डेटिंग ऐप के माध्यम से एक युवक को जाल में फंसाया था। उस मामले में एलआईसी चौक स्थित एक बार में बुलाकर युवक को महंगी शराब और खाने के नाम पर धमकाते हुए जबरन 34 हजार रुपये से अधिक का फर्जी बिल वसूलने की कोशिश की गई थी, जिसे नागपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बेनकाब किया था। फिलहाल पुलिस ने युवाओं और कारोबारियों को अनजान ऐप्स पर वीडियो कॉल और निजी बातचीत से सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है।