11 KV करंट और 8 जिंदगियां राख! झुंझुनू में सड़क बनाते वक्त मजदूरों के साथ हुआ खौफनाक हादसा

11 KV करंट और 8 जिंदगियां राख! झुंझुनू में सड़क बनाते वक्त मजदूरों के साथ हुआ खौफनाक हादसा

राजस्थान के झुंझुनू जिले से सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाला बड़ा हादसा सामने आया है, जहां सड़क निर्माण कार्य में जुटे कम से कम आठ मजदूरों की हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह भीषण दुर्घटना उदयपुरवाटी थाना क्षेत्र के छपोली गांव के पास घटी। साइट पर काम तेजी से चल रहा था, तभी बजरी मिक्स करने वाली भारी मशीन अचानक ऊपर से गुजर रही 11 केवी या हाई-टेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। तार छूते ही पूरी मशीन में भयानक वोल्टेज का करंट दौड़ गया और पास में काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए, जिससे किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

करंट लगते ही काम कर रहे श्रमिकों में मची चीख-पुकार

उदयपुरवाटी थाना प्रभारी (एसएचओ) रामपाल ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि सड़क निर्माण के दौरान कंक्रीट और बजरी मिक्सर मशीन को शिफ्ट या ऑपरेट किया जा रहा था, तभी असावधानीवश वह ऊपर से जा रहे हाईटेंशन तारों से जा टकराई। करंट लगते ही काम कर रहे श्रमिकों में चीख-पुकार मच गई और आठ मजदूरों ने झुलसकर दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा और बिजली सप्लाई बंद करवाकर शवों को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से निर्माण स्थल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी मातम और आक्रोश का माहौल है।

राजस्थान में यह हालिया दिनों का दूसरा बड़ा और भयावह हादसा है। इससे पहले 17 अक्टूबर को कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में आठ लोगों की जान चली गई थी और 15 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। वह हादसा सिमालिया थाना क्षेत्र के कराडिया के पास तब पेश आया था, जब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ही परिवार के करीब 25 सदस्य राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम जी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे।

सफर के दौरान तेज रफ्तार पैसेंजर बस अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे के पुल की रेलिंग तोड़ते हुए करीब 15 फीट नीचे गहरे नाले में जा गिरी थी। उस वक्त पुलिस अधिकारी नंद सिंह ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कराया था, जिसमें चार यात्रियों की तुरंत मौत दर्ज हुई थी और बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ पहुंच गई थी। झुंझुनू में करंट से हुए इस ताजा हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा और बिजली विभाग की हाईटेंशन लाइनों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।