4000 शेल्टर होम, 294 टीमें और फुल राशन... महातूफान 'अर्नब' से निपटने के लिए देखें कितनी बड़ी है तैयारी
बंगाल की खाड़ी से उठा बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' तबाही मचाने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, यह तूफान बुधवार को बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम के तटों से टकराएगा।
लैंडफॉल की आशंका को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो चुकी है, जिसके चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों राज्यों में करीब 4,000 साइक्लोन शेल्टर तैयार किए हैं और तटीय इलाकों से हजारों लोगों का रेस्क्यू कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है।
खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से इंडियन रेलवे ने एहतियातन इस रूट की कम से कम 50 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। रेलवे की टीमों ने करीब 600 किलोमीटर ट्रैक पर कड़ी निगरानी रखी है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। हवाई यातायात पर भी तूफान का सीधा असर पड़ा है। विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम एयरपोर्ट से चेन्नई, बेंगलुरु और कडप्पा जाने वाली दर्जनों फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं। समुद्र तटों पर आम लोगों की एंट्री पूरी तरह बैन कर दी गई है।
आपदा से निपटने के लिए राज्य सरकारों ने युद्धस्तर पर तैयारियां की हैं। आंध्र प्रदेश के 20 जिलों में 2,131 शेल्टर होम, 1,087 मेडिकल टीमें और 1,274 एंबुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा गया है। संवेदनशीलता दिखाते हुए 1,351 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है। साथ ही राशन की दुकानों में दो महीने का स्टॉक फुल कर दिया गया है। ओडिशा में भी 16 जिलों के स्कूल बंद कर दिए गए हैं और 30 हजार से ज्यादा लोगों को शेल्टर होम्स में पहुंचाया जा चुका है। राहत और बचाव कार्य के लिए ओडिशा में एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और फायर सर्विस की 294 टीमें ग्राउंड पर तैनात हैं। दोनों राज्यों के करोड़ों लोगों को मोबाइल पर लगातार साइक्लोन अलर्ट भेजे जा रहे हैं ताकि कोई भी खतरे वाले इलाकों में न जाए।