शिक्षा पर बात करो, चुनाव आयोग में टांग मत अड़ाओ; CJP को केंद्रीय मंत्री की दो टूक नसीहत

शिक्षा पर बात करो, चुनाव आयोग में टांग मत अड़ाओ; CJP को केंद्रीय मंत्री की दो टूक नसीहत

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए इस आंदोलन को पूरी तरह गैर-जरूरी और अराजकता फैलाने की कोशिश करार दिया है।

मंत्री ने दी सीजेपी को दो टूक सलाह

आठवले ने सीजेपी को दो टूक सलाह दी कि वे चुनाव आयोग के राजनीतिक विवादों में पड़ने के बजाय छात्रों के अधिकारों, परीक्षा प्रणाली और शिक्षा नीति के सुधार के लिए आंदोलन करें।

आठवले ने सीजेपी की पृष्ठभूमि याद दिलाते हुए कहा कि इस पार्टी का गठन नीट (NEET) पेपर लीक और छात्रों के मुद्दों को लेकर हुआ था। सरकार ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना, जरूरी कदम उठाए और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़ी मांगें भी हल कीं, ऐसे में अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सड़कों पर उतरने का कोई औचित्य नहीं बनता।

मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव करते हुए केंद्रीय मंत्री ने मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए 13 करोड़ वोटों का पूरा ब्योरा पेश किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनमें से लगभग 6 करोड़ नाम उन लोगों के हटाए गए हैं जो नौकरी या व्यवसाय के चलते दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, 1 करोड़ वो मतदाता थे जिनके नाम दो जगहों पर दर्ज थे और करीब 3 करोड़ लोग लापता श्रेणी में पाए गए थे; इसलिए इसे वोट चोरी बताना पूरी तरह भ्रामक है।

राहुल गांधी के वोट चोरी वाले आरोपों पर पलटवार करते हुए आठवले ने कड़े सवाल दागे। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष का तर्क माना जाए, तो कांग्रेस की सीटें 42 से बढ़कर 99 कैसे हो गईं और क्या राहुल गांधी जहां से चुनकर आए, वहां भी वोट चोरी हुई थी। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि जब दशकों तक केंद्र में कांग्रेस सत्ता में रही, तब क्या वे वोट चोरी के जरिए सरकार बनाते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार जनता के जनादेश से चुनी गई है और विपक्ष केवल बेवजह की अराजकता फैलाकर आम जनता के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है। इससे पहले भी आठवले सीजेपी संयोजक अभिजीत दीपके द्वारा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देवेंद्र फडणवीस पर की गई टिप्पणियों को लेकर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं।

उधर, राजधानी दिल्ली में सोमवार को सियासी तनाव चरम पर रहने की संभावना है। कांग्रेस पार्टी ने देशभर के कार्यकर्ताओं को जुटाकर सुप्रीम कोर्ट तक विशाल मार्च निकालने का आह्वान किया है, वहीं कॉकरोच जनता पार्टी ने भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति के लिए पुलिस से संपर्क साधा है और अनुमति न मिलने पर खुद आंदोलन स्थल घोषित कर सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है। सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।