शैफाली वर्मा का तूफान: मंधाना-वोल्वार्ड्ट का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त, टीम इंडिया ने सीरीज पर जमाया कब्जा
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की आक्रामक सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा ने मैदान पर एक बार फिर अपने बल्ले से कहर बरपाते हुए रिकॉर्ड बुक हिलाकर रख दी है। जिम्बाब्वे के विरुद्ध दूसरे टी20 मुकाबले में शैफाली ने महज 25 गेंदों पर 6 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के उड़ाते हुए 55 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इस तूफानी अर्धशतक के साथ ही उन्होंने अपनी ही कप्तान स्मृति मंधाना का वह ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो मंधाना ने साल 2024 में 8 बार 50 प्लस स्कोर बनाकर स्थापित किया था। शैफाली अब एक कैलेंडर वर्ष में 9 बार पचास से अधिक रनों की पारी खेलने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं, और उनके पास इस आंकड़े को दहाई के पार ले जाने का सुनहरा मौका भी है।
इसके साथ ही शैफाली वर्मा ने दक्षिण अफ्रीका की स्टार बल्लेबाज लौरा वोल्वार्ड्ट का बड़ा कीर्तिमान भी ध्वस्त कर दिया है। साल 2026 में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अब तक वोल्वार्ड्ट (824 रन) के नाम दर्ज था, लेकिन 55 रनों की इस पारी के बूते शैफाली के खाते में इस साल 922 रन जुड़ चुके हैं और वे दुनिया की शीर्ष स्कोरर बन गई हैं। कप्तान स्मृति मंधाना भी 821 रनों के साथ वोल्वार्ड्ट के बेहद करीब खड़ी हैं।
जिम्बाब्वे की महिला टीम 20 ओवर में 8 विकेट गंवाकर सिर्फ 102 रन ही बना सकी
मुकाबले की बात करें तो पहले बैटिंग करते हुए जिम्बाब्वे की महिला टीम 20 ओवर में 8 विकेट गंवाकर सिर्फ 102 रन ही बना सकी। जवाब में उतरी टीम इंडिया ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए महज 8.2 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 104 रन बनाकर 8 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की। शैफाली के 55 रनों के अलावा कप्तान स्मृति मंधाना ने भी 25 गेंदों पर 47 रनों की आतिशी पारी खेली। लगातार दूसरा मुकाबला जीतकर भारतीय महिला टीम ने न सिर्फ सीरीज पर कब्जा जमाया, बल्कि एक साल में सर्वाधिक 17 टी20 इंटरनेशनल मैच जीतने का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी रच दिया, जो इससे पहले 2018 में 16 जीतों के साथ बना था।