असली बोरी में नकली माल, कानपुर के इस क्षेत्र में कैसे चल रहा था नकली सीमेंट का खेल

असली बोरी में नकली माल, कानपुर के इस क्षेत्र में कैसे चल रहा था नकली सीमेंट का खेल

आशियाना बनाने के लिए आप जिस नामी ब्रांड की सीमेंट पर आंख मूंदकर भरोसा कर रहे हैं, उस भरोसे के पीछे मिलावट का खतरनाक खेल चल रहा था। कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र अंतर्गत इस्पात नगर में पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़े गोदाम पर छापा मारकर नामी कंपनी 'एसीसी (ACC)' के नाम से तैयार की जा रही कथित नकली सीमेंट की खेप पकड़ी है।

कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब एसीसी सीमेंट कंपनी के सेल्स मैनेजर मुमताज उल हक ने पुलिस अफसरों से मिलकर पुख्ता शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में साफ कहा गया था कि इस्पात नगर इलाके में कंपनी के ट्रेडमार्क और खाली बोरियों का अवैध इस्तेमाल कर नकली सीमेंट पैक की जा रही है और उसे बाजार में असली बताकर खपाया जा रहा है। इनपुट मिलते ही पनकी पुलिस और एसओजी ने एक संयुक्त घेराबंदी की और बताए गए ठिकाने पर अचानक दबिश दी।

छापेमारी के दौरान गोदाम के भीतर का नजारा देख टीम दंग रह गई। वहां बड़े पैमाने पर एसीसी सीमेंट के लेबल वाली भरी हुई बोरियां और भारी तादाद में खाली प्रिंटेड बैग मिले। इसके अलावा परिसर में खड़े दो ट्रकों को भी कब्जे में लिया गया है, जिनमें कथित तौर पर यह माल लोड कर सप्लाई के लिए भेजने की तैयारी थी। पुलिस टीम ने तत्काल पूरा माल और दोनों गाड़ियों को जब्त कर परिसर को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी।

मामले की पुष्टि करते हुए एडीसीपी योगेश कुमार ने बताया कि कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि की लिखित तहरीर पर चार मुख्य आरोपियों को नामजद किया गया है। उनके खिलाफ कॉपीराइट एक्ट, धोखाधड़ी और संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मौके से बरामद सभी बोरियों और सैंपल को फोरेंसिक व तकनीकी जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।

जांच एजेंसियां अब इस पूरे सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर काम कर रही है—पहला, नकली सीमेंट बनाने के लिए घटिया कच्चा माल या स्लैग कहां से मंगाया जा रहा था; दूसरा, ब्रांडेड कंपनी की हूबहू दिखने वाली खाली बोरियां किस प्रिंटिंग प्रेस से छपकर आ रही थीं; और तीसरा, यह मिलावटी माल किन-किन रिटेल डीलरों और बिल्डरों तक सप्लाई किया गया। पुलिस को अंदेशा है कि यह सिर्फ एक गोदाम तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसके तार अंतरजनपदीय रैकेट से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल नामजद आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है।