योगी को संभल और अखिलेश को गोरखपुर में हराने का दावा, ओवैसी के इस बयान से यूपी की सियासत में भूचाल

योगी को संभल और अखिलेश को गोरखपुर में हराने का दावा, ओवैसी के इस बयान से यूपी की सियासत में भूचाल

उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल गरमाने के साथ ही सियासी बयानबाजी अब चरम पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा मुखिया अखिलेश यादव के बीच अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर चल रही जुबानी जंग में अब एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी कूद पड़े हैं। आजमगढ़ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने दोनों नेताओं पर बड़ा हमला बोला और खुला चैलेंज दिया कि अगर दम है तो योगी आदित्यनाथ संभल से और अखिलेश यादव गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं। ओवैसी ने दावा किया कि दोनों ही सीटों पर जनता और उनकी पार्टी उन्हें करारी शिकस्त देगी।

ओवैसी ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा और सपा के बीच अंदरूनी तालमेल हो चुका है और दोनों नेता अपने राजनीतिक नफे-नुकसान के लिए अयोध्या को फुटबॉल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने अयोध्या में चंदे और विकास कार्यों से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि अब तक गठित एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया और आरोपियों पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

सपा के कोर वोट बैंक पर सीधा प्रहार

सपा के कोर वोट बैंक पर सीधा प्रहार करते हुए ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम समाज ने लगातार दो से तीन पीढ़ियों तक समाजवादी पार्टी का साथ दिया, लेकिन बदले में सिर्फ राजनीतिक नुकसान ही हाथ लगा। उन्होंने सवाल दागा कि सपा ने लंबे समय तक आजमगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद ऐतिहासिक शिबली कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा क्यों नहीं दिलाया। 2014 से लेकर 2024 तक के तमाम चुनावों के नतीजों का हवाला देते हुए ओवैसी ने कहा कि सपा लगातार हारती रही है, लेकिन अब जमीनी हालात बदल चुके हैं और अल्पसंख्यक समाज केवल दूसरों को सत्ता में बैठाने के बजाय खुद अपना नेतृत्व और सत्ता में सीधी हिस्सेदारी चाहता है।

रैली के दौरान चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर भी तीखा कटाक्ष करते हुए ओवैसी ने तंज कसा कि जैसे कई प्रमुख परियोजनाओं के नाम बदले जा रहे हैं, वैसे ही चुनाव आयोग का नाम भी बदलकर 'प्रधानमंत्री जिताओ कमीशन' रख देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी पर 108 करोड़ के एयरपोर्ट के कुछ ही महीनों में बंद होने और 900 करोड़ के विश्वविद्यालय में छात्रों को छात्रवृत्ति न मिलने का आरोप लगाया। जनसभा में मौजूद युवाओं से सियासी भागीदारी की अपील करते हुए ओवैसी ने कहा कि अगर असल ताकत हासिल करनी है तो सबसे पहले मतदाता सूची में अपना नाम जांचें और नाम न होने पर तुरंत फॉर्म-6 भरकर वोटर आईडी बनवाएं।