4 लोगों की हुई मौत, बाल-बाल बचा 6 साल का मासूम, कंटेनर में जा फंसी कार

4 लोगों की हुई मौत, बाल-बाल बचा 6 साल का मासूम, कंटेनर में जा फंसी कार

राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहां एक दिल दहला देने वाले भीषण हादसे में एक ही परिवार और रिश्तेदारों के चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर आगे चल रहे विशालकाय कंटेनर के पिछले हिस्से में जा घुसी और बुरी तरह से फंस गई। टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के इलाके में सन्नाटा पसार गया और राहगीरों के रोंगटे खड़े हो गए। कार के परखच्चे उड़ गए और वाहनों की टक्कर में लोहे की चादरें बुरी तरह मुड़ जाने के कारण कार में सवार लोग अंदर ही बुरी तरह फंस गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से कंटेनर को हटाकर कार को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

4 जिंदगियां खत्म लेकिन 6 साल के बच्चे का कुदरती चमत्कार: ऐसे बची मासूम की सांसें

जहां इस दर्दनाक दुर्घटना ने 4 परिवारों की खुशियां पल भर में उजाड़ दीं, वहीं इस खौफनाक मंजर के बीच एक ऐसा कुदरती चमत्कार भी देखने को मिला जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। कार की पिछली सीट पर बैठा 6 साल का एक मासूम बच्चा इस भयानक हादसे में पूरी तरह बाल-बाल बच गया। जब रेस्क्यू टीम ने कटर से कार के बॉडी पार्ट्स को काटकर अंदर फंसे लोगों को निकालना शुरू किया, तो सीट के नीचे दबा यह मासूम रोता हुआ मिला। डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, टक्कर के वक्त बच्चा सीट के नीचे खाली जगह में गिर गया था, जिससे कार की छत झुकने के बावजूद वह सुरक्षित बच गया। उसे तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद उसकी हालत पूरी तरह से खतरे से बाहर बताई है।

ओवरटेकिंग या नींद की झपकी? पुलिस ने हादसे के पीछे के कारणों की जांच शुरू की

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने दुर्घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि हादसा कार चालक को नींद की झपकी आने या फिर ओवरटेक करने की कोशिश के दौरान हुआ हो सकता है। पुलिस ने चारों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही दुर्घटनाग्रस्त कंटेनर के ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और हाइवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद से ही परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

हाइवे पर लगातार बढ़ते हादसों ने फिर उठाए सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की स्पीड पर सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर नेशनल हाइवे पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति और सड़क सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात और तड़के के समय हाइवे पर बड़े कंटेनर और ट्रक बिना रिफ्लेक्टर या इंडिकेटर के सड़कों पर दौड़ते रहते हैं, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों को स्थिति का सही अंदाजा नहीं लग पाता। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि लंबी दूरी के सफर के दौरान थकान होने पर वाहन न चलाएं और गति सीमा का सख्ती से पालन करें। फिलहाल, 6 साल के मासूम की सलामती ने जहां लोगों को राहत दी है, वहीं 4 जिंदगियों के चले जाने से पूरा इलाका शोक में डूबा हुआ है।