हाईकमान के आदेश की उड़ाई धज्जियां, उत्तराखंड में हरीश रावत के बागी तेवर से कांपा कांग्रेस मुख्यालय

हाईकमान के आदेश की उड़ाई धज्जियां, उत्तराखंड में हरीश रावत के बागी तेवर से कांपा कांग्रेस मुख्यालय

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत ने पार्टी के प्रदेश नेतृत्व और केंद्रीय आलाकमान की आपत्तियों को सिरे से खारिज करते हुए सोमवार को अपना बहुचर्चित जनसंपर्क अभियान 'धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा' शुरू कर दिया। उधम सिंह नगर जिले के जसपुर से सुबह करीब 11:30 बजे हरीश रावत ने इस यात्रा का आगाज किया। यात्रा शुरू करने से ठीक पहले उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि अब इस चरण में पीछे हटने या रुकने का कोई सवाल ही नहीं उठता। रावत ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य में राजनीतिक बदलाव लाने और कांग्रेस को दोबारा सत्ता में वापस खींचने के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष करना जरूरी है।

हरीश रावत के इस बागी तेवर पर कांग्रेस आलाकमान ने कड़ा एतराज जताया है और साफ संकेत दिए हैं कि संगठन से ऊपर उठकर चलाए जा रहे व्यक्तिगत प्रचार अभियानों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी और लोकसभा सांसद कुमारी सेल्जा ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए खुलासा किया कि उन्होंने हरीश रावत को औपचारिक पत्र भेजकर यात्रा के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सेल्जा ने कहा कि कांग्रेस संगठन की अपनी एक तय कार्यप्रणाली है, जहां किसी भी नेता को अपने व्यक्तिगत स्वार्थ को आगे रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूर्व मुख्यमंत्री पार्टी और हाईकमान के निर्देशों का सम्मान करेंगे, हालांकि नेतृत्व उनके पक्ष को भी सुनेगा और उसके बाद ही आगामी कदम तय किए जाएंगे।

विवाद गहराने के बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने खुद मोर्चा संभाला और हरीश रावत के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। वेणुगोपाल ने बातचीत के दौरान दो-टूक कहा कि पार्टी में किसी भी नेता का 'सोलो शो' या व्यक्तिगत प्रचार बर्दाश्त नहीं होगा और सभी कार्यक्रम कांग्रेस के आधिकारिक बैनर तले ही आयोजित होने चाहिए। बैठक के बाद वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा कर जानकारी दी कि चुनाव वाले राज्य में प्रचार अभियानों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में हर अभियान सभी स्थानीय नेताओं की एकजुटता के साथ, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में ही संचालित किया जाएगा, ताकि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस अपनी पूरी ताकत झोंककर जीत दर्ज कर सके।