ज्वालामुखी फटते ही राख के बादलों में चमकती है बिजली, आखिर क्या है इस खौफनाक नजारे का रहस्य?

ज्वालामुखी फटते ही राख के बादलों में चमकती है बिजली, आखिर क्या है इस खौफनाक नजारे का रहस्य?

प्रकृति की गोद में कई ऐसे अनोखे और रहस्यमयी हादसे छिपे हैं जिन्हें देखकर इंसान की आंखें खुली की खुली रह जाती हैं। जब भी धरती का सीना चीरकर कोई भयानक ज्वालामुखी फटता है, तो आसमान की तरफ मीलों ऊंची राख और धुएं का काला गुबार उठता है। इस खौफनाक मंजर को देखना ही अपने आप में किसी कलेजा चीर देने वाले अनुभव से कम नहीं होता, लेकिन इस भयानक आपदा के दौरान आसमान में एक और ऐसी आकाशीय घटना घटती है जो इस खौफ को कई गुना बढ़ा देती है।

राख के गुबार में कौंधने वाली रहस्यमयी और डरावनी आकाशीय बिजली

ज्वालामुखी के फटने के समय जब आसमान में राख और पत्थरों का तूफान चल रहा होता है, तब वहां अचानक से नीली और सफेद रोशनी वाली भयंकर आकाशीय बिजली चमकने लगती है। इस खतरनाक नजारे को देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी हॉरर फिल्म का कोई काल्पनिक दृश्य अचानक से हमारी असली दुनिया में उतर आया हो। सदियों से इंसानी जेहन में यह सवाल हमेशा से एक अनबूझी पहेली की तरह बना हुआ था कि आखिर धरती के अंदर सुलगती आग और ऊपर आसमान में चमकने वाली बिजली के बीच ऐसा कौन सा गहरा और खौफनाक कनेक्शन है।

वैज्ञानिकों की लंबी रिसर्च और इस खौफनाक घटना के पीछे का विज्ञान

साइंस और आधुनिक रिसर्च ने आखिरकार इस खौफनाक और हैरान कर देने वाले रहस्य से पर्दा उठा दिया है। वैज्ञानिकों का ऐसा मानना है कि जब कोई सक्रिय ज्वालामुखी फटता है, तो उसके भीतर से करोड़ों टन गर्म राख, पत्थर के छोटे-छोटे टुकड़े, धूल के महीन कण और गर्म गैसें बहुत तेज गति से बाहर निकलती हैं। ये सारे गर्म और ठोस कण जब एक दूसरे के साथ बहुत जोर से टकराते हैं, तो उनके बीच भीषण घर्षण पैदा होता है। ठीक वैसे ही जैसे सर्दियों के मौसम में किसी ऊनी कपड़े को रगड़ने से स्टैटिक चार्ज पैदा हो जाता है।

ज्वालामुखी के अंदरूनी और बाहरी कणों का खतरनाक और अदृश्य टकराव

राख के इन अनगिनत और सूक्ष्म कणों के आपस में बार-बार टकराने से भारी मात्रा में पॉजिटिव और नेगेटिव चार्ज यानी स्थैतिक बिजली पैदा होने लगती है। जब यह ऊर्जा अत्यधिक मात्रा में जमा हो जाती है, तो यह बादलों के फटने जैसी स्थिति पैदा करती है और आसमान में अचानक तेज चमक के साथ बिजली तड़कने लगती है। इस अद्भुत और प्राकृतिक परिघटना को वैज्ञानिक भाषा में 'वाल्केनिक लाइटनिंग' कहा जाता है। यह ठीक उसी प्रक्रिया की तरह है जो सामान्य मानसूनी बादलों में आकाशीय बिजली चमकने के दौरान होती है।

खौफ और खूबसूरती का एक ऐसा मिश्रण जिसे देखकर सहम जाती है दुनिया

जब भी दुनिया के किसी भी कोने में कोई बड़ा ज्वालामुखी विस्फोट होता है, तो वहां के आसमान का यह नजारा किसी प्रलयकारी दृश्य जैसा प्रतीत होता है। एक तरफ धरती से बहती हुई लाल आग का दरिया और दूसरी तरफ उस काले धुएं के गुबार के बीच चमकती हुई नीली-पीली बिजली, इस पूरे मंजर को बेहद भयावह और रोमांचक दोनों बना देती है। हालांकि यह नजारा देखने में जितना सुंदर और अनोखा लगता है, उतना ही यह इस धरती की विनाशकारी ताकतों का सबसे बड़ा जीवंत प्रमाण भी माना जाता है।c