फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले पर ट्रंप का बड़ा दावा: कहा- ईरान का हाथ, उपराष्ट्रपति वैंस ने साधी चुप्पी
फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए जानलेवा हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भूचाल आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सनसनीखेज वारदात के पीछे ईरान का हाथ होने का सीधा अंदेशा जताया है। सोमवार को एयर फोर्स वन में सवार होने के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने दो टूक कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें पूरा यकीन है कि इस घटना के लिए ईरान ही जिम्मेदार है। हालांकि, व्हाइट हाउस के भीतर ही इस मुद्दे पर राय बंटी नजर आ रही है।
उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने अलास्का रवाना होने से पहले बेहद नपा-तुला रुख अपनाते हुए कहा कि फिलहाल ईरान को इस साजिश से जोड़ने वाला कोई ठोस या निर्णायक सबूत हाथ नहीं लगा है। वैंस के मुताबिक, कोई भी आधिकारिक निष्कर्ष निकालने से पहले सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ और खुफिया विशेषज्ञों की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करना बेहतर होगा।
दूसरी तरफ, मुख्य जांच संभाल रहे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब ने इसे औपचारिक रूप से आतंकी वारदात माना है, लेकिन किसी विदेशी राष्ट्र की सीधी संलिप्तता की पुष्टि अभी नहीं की है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद सऊदी सुरक्षा बलों ने आरोपी सह-पायलट हमाम अल-हम्ममी को यूएई प्रशासन को सौंप दिया है। यूएई के अटॉर्नी जनरल हमाद सैफ अल शम्सी के अनुसार, ओमान के नागरिक अल-हम्ममी की मंशा एक बड़ा आतंकी हमला अंजाम देने की थी।
जांच एजेंसियों की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी का इरादा विमान को सीधे तेल अवीव के सबसे व्यस्त बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर क्रैश कराने का था। इतना ही नहीं, वह इस साल की शुरुआत में भी इसी तरह के आत्मघाती हमले की साजिश रच चुका था, जिसे उसने बाद में टाल दिया था। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों के प्राथमिक आकलन के अनुसार यह मामला किसी बड़े वैश्विक नेटवर्क के बजाय 'लोन-वुल्फ' यानी अकेले हमलावर का नजर आ रहा है।
दुबई से तेल अवीव की उड़ान भर रहे इस विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें अधिकांश इजरायली नागरिक थे। आसमान में 30 सितंबर को घटी इस रूह कंपा देने वाली घटना को भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण सूझबूझ और बहादुरी ने एक भीषण अंतरराष्ट्रीय त्रासदी में बदलने से रोक लिया। कॉकपिट के भीतर चाकू से गंभीर रूप से जख्मी होने के बावजूद कैप्टन ने किसी तरह अंदर का सुरक्षा दरवाजा अनलॉक कर दिया।
दरवाजा खुलते ही केबिन में मौजूद यात्रियों और क्रू ने तेजी दिखाते हुए हम्मामी को दबोच लिया। इसके तुरंत बाद उसी विमान में बतौर यात्री सफर कर रहे फ्लाईदुबई के दो अन्य पायलटों ने कमान संभाली और विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। फिलहाल यूएई, इजराइल और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स और संभावित विदेशी संपर्कों की तहकीकात में जुटी हैं।