Up Kiran,Digital Desk: अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने हाल ही में एक नया कार्यकारी आदेश जारी किया है, जिसका उद्देश्य उन देशों पर आर्थिक दबाव बनाना है जो ईरान से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से सामान और सेवाएं खरीदते हैं। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को इस फैसले की जानकारी दी। हालांकि, इस आदेश में टैरिफ की विशेष दर का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों को बदलती परिस्थितियों के आधार पर उसे समायोजित करने का अधिकार दिया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा
यह आदेश अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा और कूटनीतिक पहलुओं से जुड़ा है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान की गतिविधियां, जैसे कि परमाणु हथियारों का विकास, आतंकवाद को बढ़ावा देना, और क्षेत्रीय अस्थिरता पैदा करना, अमेरिकी सुरक्षा और उनके सहयोगियों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं।
व्हाइट हाउस ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान पूरे मध्य पूर्व में प्रॉक्सी समूहों और मिलिशिया को वित्तीय और सैन्य समर्थन प्रदान करता है। इन समूहों का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों पर हमला करना है।
ईरान के नागरिकों पर बढ़ता दबाव
इस आदेश का दूसरा पहलू ईरान के नागरिकों के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है। ईरान का शासन आर्थिक संकट और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों का सामना कर रहा है। जबकि सरकार अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ईरान की आम जनता बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रही है।
ईरान में हजारों प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ आवाज़ उठा चुके हैं, लेकिन उन्हें बेरहमी से दबाया जा रहा है। इन परिस्थितियों में अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ईरान के ऐसे कदम अमेरिकी नागरिकों और हितों के लिए निरंतर खतरा बने हुए हैं, जिसे रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।




