क्या आप भी ऐसे पीते हैं पानी; संभल जाएं, वरना डैमेज हो जाएगी आपकी किडनी

क्या आप भी ऐसे पीते हैं पानी; संभल जाएं, वरना डैमेज हो जाएगी आपकी किडनी

इंसानी जिस्म को स्वस्थ रखने और हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में पानी की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है, लेकिन पानी पीने की आदत में की गई छोटी सी लापरवाही आपकी किडनी पर भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पानी कब, कितना और किस रूप में पिया जा रहा है, इसका सीधा असर शरीर के उत्सर्जन तंत्र पर पड़ता है। गलत तरीके से किया गया जल सेवन न सिर्फ शरीर का बैलेंस बिगाड़ता है, बल्कि धीरे-धीरे गुर्दों की कार्यप्रणाली को भी धीमा कर देता है।

मशहूर इनामदार मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ और जनरल फिजिशियन डॉ. शालिनी सिंह सालुंखे के अनुसार, पानी से जुड़ी आदतों में संतुलन बेहद जरूरी है। जरूरत से ज्यादा पानी पीना हाइपोनेट्रेमिया की स्थिति पैदा कर सकता है, जिससे खून में सोडियम का स्तर तेजी से गिर जाता है। 

खासकर वे लोग जो पहले से किडनी की किसी समस्या से जूझ रहे हैं, उनके लिए अतिरिक्त तरल बाहर निकालना मुश्किल हो जाता है, जिससे सूजन और जटिलताएं बढ़ जाती हैं। वहीं दूसरी तरफ, जरूरत से कम पानी पीने पर यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) और किडनी में पथरी बनने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जो लंबे समय में किडनी टिश्यूज को स्थायी क्षति पहुंचाता है।

इसके अलावा, दिनचर्या में पानी पीने का पैटर्न भी काफी मायने रखता है। घंटों तक प्यासे रहना और फिर अचानक एक साथ कई गिलास पानी गटक लेना शरीर के फ्लूइड बैलेंस को झटके से असंतुलित कर देता है। इस तरह का अनियमित दबाव किडनी के फिल्ट्रेशन प्रोसेस को कमजोर करता है। डॉ. शालिनी एक और आम घरेलू नुस्खे को लेकर आगाह करती हैं, जो फिटकरी के पानी के इस्तेमाल से जुड़ा है।

पानी को साफ करने के चक्कर में लंबे समय तक फिटकरी (एलम) के पानी का नियमित सेवन शरीर में एल्युमिनियम और मिनरल ओवरलोड बढ़ा सकता है, जो किडनी को अंदरूनी तौर पर बीमार और कमजोर कर देता है। सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है कि दिनभर घूंट-घूंट कर सामान्य मात्रा में साफ पानी पिया जाए।