प्लेइंग-11 देखकर हिल गया क्रिकेट वर्ल्ड! रेड-बॉल टेस्ट से दिग्गज लियोन की अचानक छुट्टी, सामने आई चौंकाने वाली वजह

प्लेइंग-11 देखकर हिल गया क्रिकेट वर्ल्ड! रेड-बॉल टेस्ट से दिग्गज लियोन की अचानक छुट्टी, सामने आई चौंकाने वाली वजह

गकेबरहा के सेंट जॉर्ज पार्क में ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरे टेस्ट मैच का आगाज हो चुका है, जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन ने एक ऐतिहासिक और बेहद चौंकाने वाला फैसला लिया है। ऑस्ट्रेलिया ने साल 2013 के बाद पहली बार किसी पारंपरिक रेड-बॉल टेस्ट मैच की प्लेइंग इलेवन से अपने सबसे अनुभवी स्पिनर नाथन लियोन को ड्रॉप कर दिया है। लियोन की जगह पेसर स्कॉट बोलैंड को अंतिम एकादश में शामिल किया गया है। पिच के मिजाज और तेज गेंदबाजों के मुफीद हालात को देखते हुए कंगारू टीम ने पूरी तरह से ऑल-पेस अटैक पर दांव खेला है। उधर, पहला मुकाबला 214 रनों से गंवाने के बाद बैकफुट पर आई मेजबान साउथ अफ्रीकी टीम सीरीज में 1-1 की बराबरी हासिल करने के लिए मैदान पर उतरी है, जिसमें मुख्य तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा की वापसी से गेंदबाजी को नई धार मिली है।

मेजबान साउथ अफ्रीका ने भी अपने गेंदबाजी संयोजन में बड़ा फेरबदल करते हुए सीनियर स्पिनर केशव महाराज को बाहर का रास्ता दिखाया है, हालांकि उनकी जगह अनुभवी ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर को टीम में शामिल किया गया है। बल्लेबाजी क्रम में भी मेजबानों ने जोखिम भरा दांव चला है। मार्कस एकरमैन इस मैच के साथ टेस्ट क्रिकेट में अपना पदार्पण कर रहे हैं और सबसे दिलचस्प बात यह है कि वह सीधे ओपनिंग करने उतरे हैं, जबकि अपने पूरे प्रथम श्रेणी करियर में उन्होंने कभी भी पारी की शुरुआत नहीं की है। इसके अलावा लंबे समय बाद वापसी कर रहे मैथ्यू ब्रीट्जके को मध्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नाथन लियोन के हालिया टेस्ट करियर पर नजर डालें तो टीम रणनीति और चोटों के चलते वह पिछले 10 टेस्ट मैचों में से 5 मुकाबलों से बाहर रहे हैं। इससे पहले उन्हें जमैका और ब्रिस्बेन में खेले गए डे-नाइट टेस्ट मैचों से बाहर रखा गया था, लेकिन वह मुकाबला पिंक बॉल का था। वहीं एशेज सीरीज के दौरान चोटिल होने पर भी टीम मैनेजमेंट ने किसी स्पेशलिस्ट स्पिनर को नहीं उतारा था। अब 13 साल बाद पहली बार विशुद्ध रेड-बॉल मैच में लियोन के बिना कंगारू पेस चौकड़ी पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और स्कॉट बोलैंड के कंधों पर मैच जिताने का दारोमदार रहेगा।

गकेबरहा के इस मैदान पर साउथ अफ्रीका का पलड़ा ऐतिहासिक रूप से भारी रहा है। यहां खेले गए मुकाबलों में साउथ अफ्रीका ने 4 और ऑस्ट्रेलिया ने 3 मैच जीते हैं। खास बात यह है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम 1997 के बाद से इस मैदान पर एक भी टेस्ट नहीं जीत सकी है और वह करीब 30 साल पुराना सूखा खत्म करने के इरादे से खेल रही है। पहले टेस्ट में करारी शिकस्त झेलने के बाद डिफेंडिंग चैंपियन साउथ अफ्रीका को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 की अंकतालिका में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। टीम टॉप-2 से फिसलकर सीधे तीसरे पायदान पर पहुंच गई है, जिससे लॉर्ड्स फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए यह मुकाबला अफ्रीकी टीम के लिए करो या मरो जैसा बन गया है।

दोनों टीमों की प्लेइंग 11:

साउथ अफ्रीका: एडन मार्करम, मार्कस एकरमैन, डेविड बेडिंघम, टेम्बा बावुमा (कप्तान), मैथ्यू ब्रीट्जके, रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), वियान मुल्डर, मार्को यानसेन, साइमन हार्मर, कगिसो रबाडा, एनरिक नॉर्खिया।

ऑस्ट्रेलिया: निक मैडिन्सन, ट्रैविस हेड, मार्नस लाबुशेन, स्टीवन स्मिथ, मैट रेनशॉ, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), ब्यू वेबस्टर, पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, स्कॉट बोलैंड।