बेहोश व्यक्ति के मुंह पर डाला पानी तो 30 सेकेंड में जा सकती है जान, डॉक्टर ने बताया ये जानलेवा सच
शुगर लेवल गिरने, कम पानी पीने, तेज गर्मी, ज्यादा पसीना आने या उल्टी-दस्त से आई कमजोरी के कारण कोई भी व्यक्ति खड़े-खड़े गिर सकता है और बेहोश हो सकता है। ऑक्सीजन की कमी, सांस लेने में तकलीफ या दम घुटने की स्थिति में भी बेहोशी आ सकती है। किसी का बेहोश होना मेडिकल इमरजेंसी भी हो सकता है। आसपास ऐसा कुछ होते ही ज्यादातर लोग घबराहट में सबसे पहले चेहरे पर पानी छिड़कने लगते हैं ताकि व्यक्ति जल्दी होश में आ जाए। सवाल यह है कि क्या ऐसा करना सही है? ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर मीर ने बताया कि बेहोशी में क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए।
डॉक्टर के मुताबिक घर में किसी के बेहोश होते ही परिजन अक्सर उसके चेहरे पर पानी डालने लगते हैं, और यही सबसे खतरनाक साबित हो सकता है। हड़बड़ी में लोग चेहरे पर पानी डालते हैं, गाल थपथपाते हैं, फिर मरीज को उठाकर दीवार के सहारे बैठा देते हैं और उसके मुंह में पानी डालने की कोशिश करते हैं, जबकि उसकी आंखें बंद ही रहती हैं।
लोग मानते हैं कि इससे वह होश में आ जाएगा, लेकिन ऐसा करने पर 30 सेकेंड के भीतर उसकी सांस रुक सकती है। डॉक्टर बताते हैं कि बेहोश होने का मतलब यह नहीं कि व्यक्ति सांस नहीं ले रहा, पर जबरदस्ती पानी पिलाने से सांस का रास्ता बंद हो सकता है। बेहोश व्यक्ति पानी निगल नहीं पाता, इसलिए चेहरे पर डाला गया पानी नाक और कान में चला जाता है और पिलाया गया पानी पेट की बजाय फेफड़ों में पहुंच सकता है। ऊपर से बैठाने की वजह से दिमाग तक खून नहीं पहुंच पाता, सांस फूलने लगती है, दम घुट सकता है और सांस पूरी तरह बंद भी हो सकती है।
बेहोश होने पर क्या करें
अब जानिए बेहोश व्यक्ति को बचाने के लिए क्या करना चाहिए। पहला, दो उंगलियां व्यक्ति की नाक के पास रखें और 10 सेकेंड तक उसकी छाती को देखें कि सांस चल रही है या नहीं। दूसरा, देखें कि वह कोई प्रतिक्रिया दे रहा है या नहीं।
अगर वह सामान्य हालत में है पर बेहोश है, तो उसका नाम पुकारें और जिस स्थिति में वह है, उसी में उसके कंधे को हल्के से थपथपाएं। उसे बिठाने की कोशिश न करें और उस पर पानी भी न डालें। तीसरा, व्यक्ति को फर्श पर सीधा लिटाएं और उसके दोनों पैर करीब एक फुट ऊपर उठा दें। इससे दिमाग तक खून पहुंचाने में मदद मिलती है। चौथा, व्यक्ति को 15 मिनट तक न हिलाएं।
आंख खोलने पर भी उसे लेटा रहने दें, फिर धीरे से बैठाएं और उसके बाद ही पानी दें। सबसे जरूरी बात यह है कि अगर व्यक्ति एक मिनट में भी होश में न आए तो देर किए बिना एम्बुलेंस बुलाएं।