55 शतकों पर भारी पड़े ये 43 रन! कोहली ने खुद खोला अपने करियर की सबसे अनमोल पारी का सबसे बड़ा राज
भारतीय क्रिकेट के 'रन मशीन' विराट कोहली आज अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास अवसर पर स्टार स्पोर्ट्स ने सोशल मीडिया पर उनका एक दिलचस्प वीडियो साझा किया है, जिसमें किंग कोहली खुद अपने वनडे करियर की सबसे यादगार और बेस्ट पारी का चुनाव करते नजर आ रहे हैं। साल 2008 में अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में कदम रखने वाले कोहली के नाम इस फॉर्मेट में दुनिया में सर्वाधिक 55 शतक जड़ने का अटूट वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। लेकिन जब बात उनके दिल के सबसे करीब इनिंग की आई, तो उन्होंने अपने शतकों और दोहरे शतकों को छोड़कर महज 43 रनों की एक जुझारू पारी को पूरे करियर की नंबर-1 इनिंग घोषित कर दिया।
'दिस और दैट' (This or That) क्विज फॉर्मेट के दौरान कोहली के सामने सबसे पहले श्रीलंका के विरुद्ध खेली गई दो ऐतिहासिक पारियां रखी गईं। इनमें 2012 के होबार्ट ट्राई-सीरीज में आई नाबाद 133 रनों की विस्फोटक पारी और 2011 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में खेली गई 35 रनों की पारी शामिल थी। कोहली ने बिना झिझक 35 रनों की इनिंग को चुना, क्योंकि वह खिताबी मुकाबला था और वीरेंद्र सहवाग व सचिन तेंदुलकर के सस्ते में पवेलियन लौटने के बाद उन्होंने गौतम गंभीर के साथ मिलकर टीम को संभाला था।
इसके बाद चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 85 रन, पुणे में इंग्लैंड के विरुद्ध 122 रन और केपटाउन में साउथ अफ्रीका के विरुद्ध 160 रनों की पारियां भी इस 35 रन की पारी को पीछे नहीं छोड़ पाईं।
असली ट्विस्ट तब आया जब स्क्रीन पर 2013 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल की 43 रनों की पारी सामने आई। इंग्लैंड के विरुद्ध बारिश से प्रभावित 20 ओवर के उस लो-स्कोरिंग फाइनल में शिखर धवन के 31 रन बनाकर आउट होते ही भारतीय मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह ढह गया था। मुश्किल परिस्थितियों में कोहली ने अकेले मोर्चा संभालते हुए 43 रन ठोके और टीम इंडिया को 129 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, जिसके दम पर भारत ने 5 रन से खिताबी जीत दर्ज की थी। इसके बाद जब पाकिस्तान के विरुद्ध ढाका में आई 183 रनों की पारी और वर्ल्ड कप में लगाए शतक सामने आए, तो कोहली थोड़ा ठिठके, लेकिन आखिरकार उन्होंने 2013 चैंपियंस ट्रॉफी के इस 43 रन को ही अपने वनडे करियर की सबसे अनमोल और सर्वश्रेष्ठ पारी का दर्जा दिया।