अब पुलिस नहीं, 'स्मार्ट रडार' काटेगा भारी चालान! 124 किमी के सफर में जरा सी चूक और आफत तय

अब पुलिस नहीं, 'स्मार्ट रडार' काटेगा भारी चालान! 124 किमी के सफर में जरा सी चूक और आफत तय

लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर अब वाहन चालकों की मनमानी और बेलगाम रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगने जा रहा है। 124 किलोमीटर लंबे इस पूरे कॉरिडोर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) 140 अत्याधुनिक कैमरों का मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार कर रही है। इस परियोजना के तहत 20 विशेष कैमरे सिर्फ ओवरस्पीडिंग पकड़कर ऑटोमैटिक चालान जारी करेंगे, जबकि बाकी कैमरे हाईवे पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही सफर कर रहे मुसाफिरों को रास्ते के ताजा हालात और जरूरी चेतावनियों से अपडेट रखने के लिए 12 डिजिटल एलईडी डिस्प्ले बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस आधुनिक निगरानी तंत्र का काम अगले साल फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा।

हर 6 किमी पर ANPR कैमरे, सीमा लांघते ही कटेगा ई-चालान

हाईवे पर ओवरस्पीडिंग पर नकेल कसने के लिए हर छह किलोमीटर के अंतराल पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे तैनात किए जा रहे हैं। इस मार्ग पर छोटे वाहनों के लिए 80 किमी प्रति घंटा और भारी या बड़े वाहनों के लिए 60 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति सीमा तय की गई है। जैसे ही कोई वाहन इस तय रफ्तार को पार करेगा, डॉप्लर रडार और आधुनिक लिडार तकनीक से लैस ये हाई-रेजोल्यूशन कैमरे दूर से ही गति को मापकर गाड़ी की नंबर प्लेट स्कैन कर लेंगे। इसके तुरंत बाद खींची गई तस्वीर सीधे सेंट्रल सर्वर और संबंधित ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम को भेजी जाएगी, जहां से वाहन मालिक के मोबाइल पर ई-चालान पहुंच जाएगा। इस स्वचालित व्यवस्था से हाईवे पर होने वाले जानलेवा सड़क हादसों में भारी गिरावट आने की उम्मीद है।

360 डिग्री घूमने वाले 120 PTZ कैमरे रखेंगे चप्पे-चप्पे पर नजर

हाईवे की निगरानी को अभेद्य बनाने के लिए 120 पैन-टिल्ट-जूम (PTZ) कैमरे लगाए जा रहे हैं, यानी 124 किलोमीटर के दायरे में औसतन हर एक किलोमीटर पर एक हाईटेक कैमरा मुस्तैद रहेगा। 360 डिग्री घूमने और जबरदस्त जूम क्षमता वाले ये कैमरे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रत्याशित घटना को भांपते ही खुद-ब-खुद उस दिशा में घूम जाते हैं। NHAI के अनुसार, इन स्मार्ट कैमरों की मदद से कहीं भी ट्रैफिक जाम लगने, गाड़ियों का असामान्य जमावड़ा होने, सड़क हादसे या रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट आने पर कंट्रोल रूम को तत्काल अलर्ट मिल जाएगा, जिससे त्वरित राहत और ट्रैफिक प्रबंधन बेहद आसान हो जाएगा।

12 डिजिटल एलईडी स्क्रीन से मिलेंगे लाइव ट्रैफिक अपडेट

सफर को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पूरे कॉरिडोर पर 12 बड़ी एलईडी डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जा रही हैं। ये डिजिटल स्क्रीन वाहन चालकों को हाईवे की वर्तमान स्थिति, आगे के मौसम, संभावित रुकावटों, डायवर्जन और ट्रैफिक नियमों से जुड़ी जरूरी सूचनाएं दूर से ही स्पष्ट रूप से दिखाएंगी। रियल-टाइम अलर्ट मिलने से चालक समय रहते अपनी गति नियंत्रित कर सकेंगे और अप्रत्याशित जोखिमों से बचकर सुरक्षित सफर पूरा कर सकेंगे।